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बिना अनुमति प्रदर्शन पड़ा भारी! विधायक पर FIR, आरोप-प्रत्यारोप तेज

Thursday, Jun 25, 2026-05:26 PM (IST)

रतलाम: मध्य प्रदेश के रतलाम में बिना अनुमति प्रदर्शन और सड़क जाम करने के मामले ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार सहित चार लोगों पर स्टेशन रोड थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। मामला कलेक्ट्रेट के बाहर सिटी फोरलेन पर बुधवार को हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के बैनर तले आयोजित किया गया था, जिसमें खाद, बीज, बिजली और ग्रामीण समस्याओं सहित कुल 47 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर ज्ञापन सौंपा गया। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थल पर रोक लगाए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में समर्थक कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ गए।

सूत्रों के अनुसार, लगभग 800 से 1000 समर्थकों के साथ विधायक और उनके समर्थक पैदल ही कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। प्रशासन ने उन्हें कई स्थानों पर रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि इस दौरान बैरिकेड्स हटाने और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बनी। इसके बाद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट के बाहर सिटी फोरलेन पर बैठ गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और कुछ समय के लिए आवागमन बाधित रहा। प्रदर्शन करीब दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चला। इस दौरान एडीएम को ज्ञापन सौंपा गया और पांच प्रतिनिधियों की कलेक्टर से मुलाकात की भी मांग रखी गई, हालांकि प्रशासनिक स्तर पर सीमित लोगों को ही अंदर जाने की अनुमति दी गई।

प्रशासन ने बाद में इस पूरे घटनाक्रम को कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाला मानते हुए कार्रवाई की। पुलिस ने राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर धारा 223(ए) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि निर्धारित आदेशों का उल्लंघन किया गया, बैरिकेड्स तोड़े गए और सड़क पर बैठकर आवागमन बाधित किया गया, जिससे आम जनता को असुविधा का सामना करना पड़ा।

उधर, एफआईआर दर्ज होने के बाद विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इसे राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई बताते हुए कहा कि यह मामला झूठा और द्वेषपूर्ण है। विधायक का कहना है कि वे किसानों और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन और अदालत तक जारी रखेंगे और इस एफआईआर को भी चुनौती दी जाएगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल उनकी राजनीतिक गतिविधियों से घबराया हुआ है और उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने आगामी पंचायत चुनावों में मजबूत प्रदर्शन का दावा करते हुए अपने संगठन की रणनीति को आगे बढ़ाने की बात भी कही। इस घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और विधायक के बयान ने मामले को और अधिक तूल दे दिया है।


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Content Editor

Himansh sharma

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