डेढ़ करोड़ की LPG गैस चोरी: जिला खाद्य अधिकारी निकला मास्टरमाइंड, 3 गिरफ्तार
Sunday, May 10, 2026-03:21 PM (IST)
महासमुंद (सोहेल अकरम): छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में डेढ़ करोड़ रुपये की 92 टन एलपीजी गैस चोरी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला खाद्य अधिकारी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में गौरव गैस एजेंसी के संचालक और रायपुर के गैस चूल्हा विक्रेता को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 99 हजार 800 रुपये नगद, तीन मोबाइल फोन और करीब 5 लाख रुपये के होम अप्लायंस सामान जब्त किए हैं।
दरअसल, 24 दिसंबर 2025 को सिंघोडा थाना क्षेत्र में 6 कैप्सूल वाहनों से अवैध रूप से एलपीजी गैस सिलेंडरों में भरते हुए पकड़ा गया था। कार्रवाई के बाद वाहनों को सुरक्षा की दृष्टि से खाद्य विभाग की मौजूदगी में अभनपुर स्थित ठाकुर पेट्रोकेमिकल प्लांट में रखा गया था।
17 अप्रैल 2026 को जब वाहन मालिक कोर्ट के रिलीज ऑर्डर के साथ प्लांट पहुंचा, तब सभी कैप्सूल वाहनों से करीब 92 टन एलपीजी गैस गायब मिली, जिसकी कीमत लगभग डेढ़ करोड़ रुपये बताई गई। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें प्लांट मैनेजर समेत अन्य लोगों की भूमिका सामने आई।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव, गौरव गैस एजेंसी संचालक पंकज चंद्राकर और सोनू ट्रेडर्स संचालक मनीष चौधरी ने मिलकर गैस बेचने की साजिश रची थी। आरोप है कि तीनों ने ठाकुर पेट्रोकेमिकल के संचालकों से 1 करोड़ रुपये की मांग की थी, जिसके बाद 80 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। इसमें खाद्य अधिकारी को 50 लाख रुपये, गैस एजेंसी संचालक को 20 लाख रुपये और गैस चूल्हा विक्रेता को 10 लाख रुपये मिले।
जांच में यह भी सामने आया कि खाली कैप्सूल वाहनों का वजन कर फर्जी पंचनामा तैयार किया गया और पूरे मामले को वैध दिखाने की कोशिश की गई। कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों को चिन्हित किया है, जिनमें खाद्य अधिकारी, गैस एजेंसी संचालक, गैस चूल्हा विक्रेता और प्लांट मैनेजर गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि प्लांट के दो डायरेक्टर अब भी फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(3), 316(5), 61, 238, 336(3), 338, 340(2) और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया है। एसपी का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

