प्रत्याशी चयन में पूर्व मंत्री ने फंसा दिया पेंच, दिग्गज नेता के रुख से कांग्रेस में राजनीतिक हलचल तेज

Monday, Mar 02, 2026-06:32 PM (IST)

(रायपुर) : छतीसगढ़ में राज्यसभा की 2 सीटों पर होने वाले चुनावों के लिए हलचल तेज है। भाजपा और कांग्रेस ने चुनाव के लिए कमर कस ली है। राज्यसभा की दोनो सीट पर 16 मार्च को चुनाव होगा,जिसके लिए राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई है। वहीं प्रत्याशियों के चयन को लेकर कांग्रेस में सहमति नहीं बनती दिख रही है। नामांकन से दो दिन पहले ही छतीसगढ़ कांग्रेस में हलचल देखी जा रही है।

भगत की हाईकमान से क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने की अपील

सारे कयासों और अटकलों के बीच छत्तीसगढ़ में राज्यसभा सीट को लेकर पूर्व मंत्री अमरजीत भगत का अहम बयान सामने आया है। भगत ने कांग्रेस हाईकमान से क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने की अपील की है। अमरजीत भगत ने कहा है कि  कांग्रेस पार्टी को राज्यसभा उम्मीदवार चयन करते समय सभी संभागों के प्रतिनिधित्व का ध्यान रखना चाहिए।

तथ्य पेश करते हुए अमरजीत भगत ने कहा है कि सरगुजा संभाग से लोकसभा, विधानसभा में कांग्रेस का कोई जनप्रतिनिधि नहीं है। इसलिए ये जरुरी हो जाता है कि  संगठन और राजनीतिक संतुलन के सरगुजा संभाग को अहमियत देकर प्रतिनिधित्व दिया जाए। ऐसा करने से इस संभाग को मौका मिलेगा औऱ अनदेखी भी दूर होगी।

अमरजीत भगत ने इस पर ज्यादा बोलते हुए कहा कि  सरगुजा लंबे समय से कांग्रेस का मजबूत आधार रहा है लेकिन  अब माहौल कुछ और हो चुका है , अभी यहां से पार्टी का कोई निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं है जिससे कार्यकर्ताओं भी निराश हो रहे हैं।

वहीं अमरजीत भगत के इस बयान पर पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा  कि जब केटीएस तुलसी, रंजीता रंजन को राज्यसभा भेजा गया था तब कौन सा क्षेत्रीय संतुलन था?” उन्होंने कहा कि चरणदास महंत और दीपक बैज क्या छत्तीसगढ़ के बाहर के नेता हैं? चंद्राकार के इस पलटवार से राजनीति में हलचल तेज हो गई है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Desh Raj

Related News