हार्ट अटैक आने के बाद जिंदगी की जंग लड़ते रहे पूर्व MLA, डेढ़ घंटा नहीं पहुंची एंबुलेंस, ICU में भर्ती करना पड़ा
Saturday, Mar 21, 2026-03:34 PM (IST)
(सतना): मध्य प्रदेश के सतना से स्वास्थ्य व्यवस्था किस कदर लचर है उसका एक ताजा उदाहरण सामने आया है। लचर स्वास्थ्य व्यवस्था का खामियाजा एक पूर्व विधायक को भुगतना पड़ा है। जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग की लापरवाह कार्यशैली से चित्रकूट के पूर्व विधायक गणेश बारी की जान पर आफत खड़ी हो गई। समय पर वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सपोर्ट वाली एंबुलेंस नहीं मिलने से उनकी जान मुश्किल में पड़ गई और उन्हें डेढ़ घंटे तक आइसीयू में रखना पड़ा। वहीं पर गणेश बारी जिंदगी-मौत की लड़ाई लड़ते रहे। इससे जिले की स्वास्थय व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। किडनी फेल और हार्ट अटैक आने पर सतना जिला असप्ताल से उन्हें रीवा रेफर किया गया।
अस्पताल पहुंचे सांसद गणेश सिंह, एंबुलेंस को-ऑर्डिनेटर को फटकारा
वहीं पूर्व विधायक गणेश बारी का हाल जानने सूचना पर सांसद गणेश सिंह अस्पताल पहुंचे। गणेश सिंह एंबुलेंस कोऑर्डिनेटर को फोन लगाया और जमकर फटकार लगाई। 108 एंबुलेंस को-ऑर्डिनेटर नीलेश द्विवेदी ने स्तिथि बताते हुए कहा कि एंबुलेंस दूसरी जगह व्यस्त थी, इसके चलते ही देर से पहुंची। वहीं बाद में मैहर से आई एंबुलेंस से पूर्व विधायक को रीवा भेजा गया। वैसै जिला सतना में 3 वेंटिलेटर एंबुलेंस है, लेकिन इसके बाद भी पूर्व विधायक को एंबुलेंस के लिए तरसना पड़ा।
शुगर बढ़ने से बेहोश हो गए थे गणेश, 16 मार्च से हैं बीमार
वहीं बता दें कि पूर्व विधायक गणेश बारी 16 मार्च से ही बीमार हैं, मझगवां अस्पताल में उनका शुगर लेवल बढ़ गया और वो बेहोश हो गए, साथ में किडनी ने काम करना कम कर दिया। गुरुवार को डॉक्टरों ने उन्हे सतना जिला अस्पताल भेजा था और आइसीयू में इलाज चल रहा था, लेकिन शुक्रवार को उन्हें हार्ट अटैक आ गया जिसके चलते फिर रीवा रेफर किया।
वहीं एंबुलेंस में देरी होन से सांसद गणेश सिंह भी गुस्सा हो गए, उन्होंने आरएमओ और हृदय रोग विशेषज्ञ को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं। वहीं सामने आया ये भी आया है कि कोऑर्डिनेटर ऑक्सीजन सिलेंडर रिफिलिंग का हवाला देकर मामले से बचने के प्रयास में लगा रहा। आपको बता दें कि साल 1993 में गणेश बारी विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर विधायक बने थे।

