जयवर्धन सिंह बोले-भाजपा को देशभर में खतरा, इसलिए ज्ञानेश के साथ मिलकर रचा षड्यंत्र
Wednesday, Sep 30, 2026-05:58 PM (IST)
गुना (मिस्बाह नूर) : गुना में एसआईआर के विरोध और विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर कांग्रेस पार्टी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए बुधवार को एक विशाल पैदल मार्च निकाला और कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस उग्र प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष और राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह ने किया। प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए गए और उन्हें 'गोरिल्ला' की संज्ञा दी गई। रैली में एक कार्यकर्ता 'मैं हूं गोरिल्ला ज्ञानेश, वोट चुरा के करता ऐश' लिखा हुआ पोस्टर और गोरिल्ला की पोशाक पहने नजर आया, जिसने सबका ध्यान खींचा।
कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल को राष्ट्रपति के नाम एक 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इस ज्ञापन में देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाकर उन्हें गिरफ्तार करने और उन पर आपराधिक मुकदमा चलाने की मांग की गई। साथ ही, ईसीआई नेट की जांच स्वतंत्र न्यायिक निगरानी में कराने की मांग भी रखी गई।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे विधायक जयवर्धन सिंह ने गंभीर आरोप लगाए कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एक षड्यंत्र के तहत वोट चोरी करवाई है। एसआईआर के बहाने सोची-समझी साजिश के तहत देश के मूल नागरिकों के नाम काटे गए हैं, और कुछ नाम तो जानबूझकर हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार ऐसा सॉफ्टवेयर लाया गया जिसके जरिए सीधे दिल्ली से नाम काटे जा रहे थे। अन्य चुनाव आयुक्तों ने इस पर छह से अधिक बार आपत्तियां दर्ज कराई थीं, लेकिन ज्ञानेश कुमार ने किसी की बात नहीं सुनी। उन्होंने कहा कि आज देश के सामने यह षड्यंत्र बेनकाब हो चुका है और राहुल गांधी तथा कांग्रेस के आरोप पूरी तरह सही साबित हुए हैं। ईवीएम में भी फजीर्वाड़ा कर चुनाव चुराया गया है, और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आज पूरे देश में कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को देशभर में अपनी हार का खतरा सता रहा है, इसलिए ऐसे षड्यंत्र रचे जा रहे हैं।
इस दौरान जयवर्धन सिंह ने गुना जिले में डीएपी खाद की भारी कमी का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि खाद के दलालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि शासन के सारे दावे खोखले साबित हो रहे हैं और सोसायटियों तक खाद नहीं पहुंच पा रही है। ई-टोकन व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है जिससे किसानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। जिन किसानों के पास वनाधिकार के पट्टे हैं, उनके लिए भी प्रशासन ने कोई उचित व्यवस्था नहीं की है। उन्होंने खाद की कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस पर कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने आश्वासन दिया कि आदिवासी क्षेत्रों में विशेष कैंप लगाकर किसानों को खाद उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके अलावा, केंद्र सरकार की घोषणा के मुताबिक मक्का की उपज का समर्थन मूल्य 2410 रुपए किसानों को दिलाने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। जयवर्धन सिंह ने कहा कि वर्तमान में कृषि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास है, इसलिए उनसे मांग की जाए कि नवंबर से जनवरी तक मक्का की सरकारी खरीदी की जाए ताकि किसानों को उनकी उपज का सही और उचित दाम मिल सके। इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं के हाथों में राहुल गांधी और जयवर्धन सिंह के बड़े-बड़े पोस्टर नजर आए और वक्ताओं ने सरकार को वोट, लोकतंत्र और खाद का हिसाब देने के लिए ललकारा।

