Punjab Kesari MP ads

खंडवा कलेक्टर ने डाभिया में किया रात्रि विश्राम, चौपाल लगाकर ग्रामीणों की सुनीं समस्याएं, दिया जल संरक्षण का मंत्र

Wednesday, May 20, 2026-11:24 AM (IST)

खंडवा (मुश्ताक मंसूरी): मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में शासन की योजनाओं का जमीनी हाल जानने और ग्रामीणों से सीधा संवाद करने के लिए कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने अनूठी पहल की है। मंगलवार रात कलेक्टर गुप्ता खालवा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम डाभिया पहुंचे और वहीं रात्रि विश्राम किया। इस दौरान उन्होंने चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और निराकरण के निर्देश दिए।

कलेक्टर रात करीब 8 बजे डाभिया पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और पंचायत भवन का निरीक्षण किया। इसके बाद गांव के बीच चौपाल में ग्रामीणों के साथ बैठकर खुलकर चर्चा की। ग्रामीणों ने गांव में पेयजल संकट, सिंचाई के लिए पानी की कमी, सड़क, राशन वितरण और पेंशन से जुड़ी समस्याएं रखीं। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कई समस्याओं का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए। कुछ प्रकरणों में समय-सीमा तय कर रिपोर्ट मांगी।

चर्चा के दौरान कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने जल संकट पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, “गर्मी में हर साल पानी की किल्लत होती है। इसका एकमात्र स्थायी समाधान वर्षा जल संचयन है। हर घर, हर खेत में पानी रोकना होगा।” उन्होंने ग्रामीणों को समझाया कि छत का पानी, खेत का पानी व्यर्थ न बहने दें। सोख्ता गड्ढा, खेत-तालाब और मेड़बंदी के जरिए बारिश के पानी को जमीन के अंदर पहुंचाएं। इससे भू-जल स्तर बढ़ेगा और आने वाले सालों में पीने व सिंचाई के लिए पानी की कमी नहीं होगी।

कलेक्टर ने ‘कैच द रेन’ अभियान की जानकारी दी और पंचायत को गांव में ज्यादा से ज्यादा जल संरचना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मनरेगा से हर खेत में तालाब बनाया जा सकता है। ग्रामीणों ने भी जल संरक्षण का संकल्प लिया।

रात्रि विश्राम के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों के साथ भोजन भी किया। सुबह शौचालय उपयोग, साफ-सफाई और स्कूल में बच्चों की उपस्थिति देखी। कलेक्टर के गांव में रात रुकने से ग्रामीण गदगद दिखे। ग्रामीण सुखराम ने कहा, “पहली बार कोई कलेक्टर गांव में रुका। साहब ने हमारी बात ध्यान से सुनी। अब लगता है समस्या हल होगी।”

कलेक्टर गुप्ता ने बताया कि शासन की मंशा है कि अधिकारी फील्ड में जाकर जनता से जुड़ें। इसी क्रम में हर महीने एक गांव में रात्रि विश्राम किया जाएगा। इससे योजनाओं का सही फीडबैक मिलेगा और गांवों का तेजी से विकास होगा।

 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Vandana Khosla

Related News