खंडवा में बारिश बनी आफत: 48 घंटे में बाढ़ जैसे हालात, निचले इलाके डूबे; स्कूलों की 2 दिन की छुट्टी
Saturday, Aug 01, 2026-04:41 PM (IST)
खंडवा (मुश्ताक मंसूरी): खंडवा में बीते 48 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जिले में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। लगातार बारिश से निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं, नदी-नाले उफान पर हैं और प्रशासन को सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना पड़ा है।
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में जिले में 74.4 मिमी और अकेले खंडवा शहर में 128 मिमी बारिश दर्ज की गई। जुलाई से अब तक जिले में 305 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि जुलाई का औसत कोटा 327 मिमी है। यानी कोटा पूरा होने के लिए सिर्फ 22 मिमी बारिश और चाहिए। सीजन में अब तक कुल 415 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। पिछले साल इसी समय तक जिले में 326 मिमी बारिश हुई थी।
लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
लगातार बारिश से खंडवा शहर और ग्रामीण क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। नदी और नालों के किनारे बसे निचले इलाकों में पानी भरने के बाद प्रशासन ने बचाव अभियान चलाया।
कई परिवारों को कृषि उपज मंडी में ठहराया गया है, जहां रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है। कुछ परिवारों को एमएलबी स्कूल में भी शिफ्ट किया गया है। नदी किनारे रहने वाले लोग जरूरी सामान, बकरियां और मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर जाते दिखाई दिए।
नगर निगम ने सभी टीमों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा है। राजस्व विभाग जलभराव वाले इलाकों पर लगातार निगरानी कर रहा है। एसडीईआरएफ और बचाव दल किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
डैम के गेट खुले, गांवों में घुसा पानी
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सुक्ता डैम के 4 और राजगढ़ डैम के 5 गेट खोल दिए गए हैं। इससे सुक्ता और भाम नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। भोजाखेड़ी गांव में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया। तेज बहाव में एक ट्रैक्टर और रोटावेटर भी बह गए।
स्कूल बंद, प्रशासन की अपील
लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले के सभी स्कूलों में 2 दिन का अवकाश घोषित किया है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि नदी-नालों और पुल-पुलियों से दूर रहें, अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और अफवाहों पर ध्यान न दें।

