असम के छात्र से मध्यप्रदेश में मारपीट मामले में CM के निर्देश के बाद बड़ी कार्रवाई, पांचों आरोपी यूनिवर्सिटी से निष्कासित

Friday, Jan 16, 2026-12:50 PM (IST)

भोपाल : मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में असम के एक छात्र के साथ मारपीट के मामले में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज कहा कि पुलिस की ओर से इस प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और संबंधित शैक्षणिक संस्थान ने भी आरोपी छात्रों के खिलाफ कारर्वाई की है। डॉ यादव ने सोशल मीडिया पर बताया कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में असम के विद्यार्थी के साथ छात्रावास में हुई मारपीट के मामले में पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज कर विधिवत कारर्वाई की जा रही है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी आरोपी छात्रों के विरुद्ध अपने स्तर पर एक्शन लिया है। किसी को भी नहीं बख्शेंगे। वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र के साथ मारपीट के आरोपी पांचों छात्रों को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया है। घटना की जांच में दोषी पाए गए 5 छात्रों अनुराग पाण्डेय, जतिन सिंह, रजनीश त्रिपाठी, विशाल यादव और उत्कर्ष सिंह को विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया है। पीड़ित छात्र की रिपोर्ट के आधार पर अमरकंटक थाने में उपरोक्त पांचों छात्रों के विरुद्ध मारपीट सहित कई धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया गया है। 

ये है पूरा मामला

अनूपपुर के अमरकंटक स्थित इस विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र स्नातकोत्तर में अध्ययनरत असम के छात्र हीरोस ज्योतिदास ने आरोप लगाया था कि 13 जनवरी को शराब के नशे में धुत कुछ छात्रों ने उनके साथ बुरी तरह मारपीट की। इसके बाद उन्हें चिकित्सकों से परामर्श लेना पड़ा और उन्होंने इस मामले में पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई। इस मामले ने विश्वविद्यालय परिसर में पूर्वोत्तर के इस छात्र की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिए। कांग्रेस ने भी इस मामले को लेकर सरकार को घेर लिया।

कांग्रेस ने उठाए थे सवाल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में हिंसा, घृणा और नस्लीय भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं है। सभी की जिम्मेदारी है कि प्रदेश की शांति, एकता और सम्मान की परंपरा को हर हाल में बनाए रखें। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ यादव से आग्रह किया कि इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेकर असम के छात्र हीरोस ज्योतिदास की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, दोषियों की तत्काल पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कारर्वाई की जाए, और भविष्य में ऐसी प्रवृत्तियों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस प्रकरण को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और संघ का‘अड्डा'बन चुके इस विश्वविद्यालय के होस्टल में कुछ उपद्रवी छात्रों ने ज्योतिदास पर नस्ल भेद टिप्पणी की और विरोध करने पर उसे बुरी तरह पीटा गया। छात्रों को उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए स्थापित किए गए इस विश्वविद्यालय को भाजपा और आरएसएस ने अपना अड्डा बना लिया है और आए दिन अनियमितताएं और घटनाएं सामने आती है। 


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meena

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