MP में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी! जारी हो सकती है सूची...CMO से लेकर जिलों तक फेरबदल
Tuesday, Apr 07, 2026-05:57 PM (IST)
भोपाल : मध्य प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में इन दिनों बड़े फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, राज्य में जल्द ही आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की बहुप्रतीक्षित ट्रांसफर लिस्ट जारी हो सकती है। लिस्ट लगभग फाइनल है, इसको लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन के बीच अहम मंथन भी हो चुका है, जिससे संकेत मिलते हैं कि बदलाव अब ज्यादा दूर नहीं हैं।
पहले चरण में बदले जाएंगे 20 जिलों के कलेक्टर
बताया जा रहा है कि पहले चरण में करीब 18 जिलों के कलेक्टर और 20 जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) को बदला जाएगा। राजधानी भोपाल समेत कई बड़े जिलों में नए चेहरों को मौका मिल सकता है। सरकार इस फेरबदल के जरिए प्रशासनिक ढांचे में नई ऊर्जा और गति लाना चाहती है, ताकि योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
राजधानी भोपाल में कलेक्टर बदलने की अटकलें भी तेज हैं। वर्तमान कलेक्टर विक्रम कौशलेंद्र सिंह को नई जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है, जबकि उनकी जगह किसी नए चेहरे—संभवतः प्रियंक मिश्रा या किसी महिला आईएएस अधिकारी को कमान सौंपी जा सकती है। सरकार बड़े शहरों में महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने के मूड में नजर आ रही है, जिससे प्रशासनिक संतुलन और प्रतिनिधित्व मजबूत हो सके।
कलेक्टरों को मंत्रालय की जिम्मेदारी की संभावना
सूत्रों के अनुसार, कुछ जिलों के कलेक्टरों को मंत्रालय में नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, शिवपुरी, रीवा, इंदौर, उमरिया और मैहर जैसे जिलों के अधिकारियों को सचिवालय स्तर पर अहम भूमिकाएं मिलने की संभावना है। वहीं वल्लभ भवन में तैनात कुछ अधिकारियों को फील्ड में भेजने की भी तैयारी चल रही है, जिससे ग्राउंड लेवल पर प्रशासनिक पकड़ मजबूत की जा सके।
यह बदलाव सिर्फ जिलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) तक इसका असर देखने को मिल सकता है। सचिव और अपर मुख्य सचिव स्तर पर भी फेरबदल की संभावना जताई जा रही है, जिससे शासन के शीर्ष स्तर पर नई कार्यशैली और निर्णय लेने की गति में बदलाव आ सकता है।
लिस्ट में इन जिलों का जिक्र
पुलिस विभाग में भी हलचल तेज है। खंडवा, भिंड, धार, रीवा और झाबुआ जैसे जिलों में एसपी बदलने की तैयारी है। प्रमोशन के बाद लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं, जिससे पुलिस प्रशासन में भी नई ऊर्जा आएगी।
इस बार ट्रांसफर का सबसे बड़ा आधार परफॉर्मेंस को माना जा रहा है। बेहतर काम करने वाले अधिकारियों को बड़े जिलों की जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि कमजोर प्रदर्शन करने वालों को हटाया जा सकता है। मुख्यमंत्री मोहन यादव का फोकस स्पष्ट है—मजबूत प्रशासन और तेज फैसले। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि यह ट्रांसफर लिस्ट कब जारी होती है और किन जिलों में बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं।

