IAS, IPS और IFS के सैकड़ों पद खाली, सामने आया पूरा आंकड़ा

Sunday, Mar 15, 2026-12:22 PM (IST)

भोपाल: मध्य प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को संभालने वाले शीर्ष अधिकारियों की संख्या को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। राज्य में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भारतीय वन सेवा (IFS) के लिए बड़ी संख्या में पद स्वीकृत हैं, लेकिन इन पदों पर अभी भी पूरी नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं।सरकारी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए इन तीनों सेवाओं के अधिकारियों की अहम भूमिका होती है। लेकिन कई जिलों और विभागों में अधिकारियों की कमी के कारण अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी संभालनी पड़ रही हैं।

IAS अधिकारियों की स्थिति

मध्य प्रदेश कैडर में IAS अधिकारियों के लिए सैकड़ों पद निर्धारित किए गए हैं। इनमें से बड़ी संख्या में अधिकारी फिलहाल कार्यरत हैं, लेकिन कुछ पद अभी भी खाली बताए जा रहे हैं।IAS अधिकारी राज्य प्रशासन की मुख्य धुरी माने जाते हैं। जिलों के कलेक्टर से लेकर मंत्रालय के वरिष्ठ पदों तक अधिकांश जिम्मेदारियां इन्हीं के हाथ में होती हैं। पद खाली होने के कारण कई बार एक अधिकारी को एक से ज्यादा जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है।

IPS अधिकारियों की संख्या

राज्य में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले IPS अधिकारियों की भी निर्धारित संख्या है। हालांकि सभी पदों पर नियुक्ति नहीं हो पाने के कारण कई जगह पुलिस अधिकारियों पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिलता है।

जिलों में पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ पदों पर तैनाती के लिए पर्याप्त अधिकारियों की जरूरत रहती है, इसलिए इन पदों को भरना सरकार के लिए प्राथमिकता माना जाता है।

IFS अधिकारियों की स्थिति

वन संपदा के लिहाज से मध्य प्रदेश देश के प्रमुख राज्यों में शामिल है। ऐसे में भारतीय वन सेवा के अधिकारियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

इसके बावजूद इस सेवा में भी कई पद खाली बताए जाते हैं। वन संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और जंगलों के प्रबंधन जैसे कामों के लिए पर्याप्त अधिकारियों की जरूरत होती है।

क्यों खाली रह जाते हैं पद

विशेषज्ञों के अनुसार कई बार अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने, केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर जाने या नई नियुक्तियों में समय लगने के कारण पद खाली रह जाते हैं।

सरकार की योजना

राज्य सरकार इन खाली पदों को भरने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसके लिए दो प्रमुख तरीके अपनाए जाते हैं—

संघ लोक सेवा आयोग के माध्यम से नई भर्ती

राज्य प्रशासनिक और पुलिस सेवाओं के अधिकारियों को प्रमोशन देकर अखिल भारतीय सेवाओं में शामिल करना

सरकार का मानना है कि आने वाले समय में इन कदमों से अधिकारियों की कमी को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।


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Content Editor

Himansh sharma

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