मारपीट और वसूली के आरोप में थाना प्रभारी पर गिरी गाज, SSP के एक्शन से महकमे में हड़कंप
Wednesday, Sep 16, 2026-01:06 PM (IST)
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में बिलासपुर जिले के मस्तूरी थाने में मोबाइल चोरी की शिकायत दर्ज कराने पहुंचे एक फेरीवाले से कथित मारपीट और पांच हजार रुपए की अवैध वसूली के मामले के बीच थाना प्रभारी सलीम खाखा को मंगलवार देर शाम हटा दिया गया। पुलिस के आधिकारिक स्थानांतरण आदेश में सलीम खाखा को हटाने का कारण प्रशासनिक बताया गया है। वहीं, पीड़ित ने थाने के पुलिसकर्मियों पर मारपीट और नकद तथा ऑनलाइन माध्यम से कुल पांच हजार रुपए लेने का आरोप लगाते हुए एसएसपी कार्यालय में शिकायत की है। शिकायत के बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने सलीम खाखा को मस्तूरी थाना प्रभारी के पद से हटा दिया और निरीक्षक कपिलदेव चंद्रा को मस्तूरी थाने की जिम्मेदारी सौंपी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बिल्हा थाना क्षेत्र के पत्थरखान निवासी नकुल प्रसाद मांडरे गांव-गांव फेरी लगाकर साड़ी और कपड़े बेचता है। वह 11 सितंबर की सुबह करीब छह बजे साड़ी बेचने मस्तूरी की ओर निकला था। मस्तूरी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भराने के बाद उसने थोड़ी शराब पी। कुछ दूर आगे गाड़ी रोककर नीचे उतरने पर उसे पता चला कि उसका मोबाइल गायब है। उसने आशंका जताई कि किसी ने गाड़ी से मोबाइल चोरी कर लिया है। नकुल मोबाइल चोरी की रिपोटर् दर्ज कराने मस्तूरी थाने पहुंचा और वहां मुंशी शिवचरण मरावी को मोबाइल चोरी होने तथा शराब पीने की जानकारी दी। शिकायत के अनुसार उसे बाहर से फॉर्म की फोटोकॉपी लाने के लिए कहा गया। फॉर्म लेकर वापस आने पर कथित तौर पर उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मी दिनेश निराला, शिवचरण मरावी और नीतिश बंजारे ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया तथा थाने के भीतर ले जाकर मारपीट की। उसने पुलिसकर्मियों पर नकद और ऑनलाइन माध्यम से कुल पांच हजार रुपए लेने का भी आरोप लगाया है। पीड़ित का यह भी आरोप है कि मारपीट के दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी सलीम खाखा ने पुलिसकर्मियों को नहीं रोका। गौरतलब है कि सलीम खाखा के कामकाज को लेकर पूर्व में भी शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है, हालांकि उन शिकायतों और मौजूदा स्थानांतरण कारर्वाई के बीच सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

