मेयर इंदौर इतिहास के सबसे असफल महापौर, देश दुनिया में इंदौर को धूमिल किया,मंत्री कैलाश अहंकारी-पटवारी

Friday, Jan 09, 2026-07:34 PM (IST)

इंदौर (सचिन बहरानी): इंदौर शहर में पेयजल संकट, स्वच्छता व्यवस्था और हालिया हादसों को लेकर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी और नगर निगम पर जोरदार हमला बोला है। इंदौर में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा शासित नगर निगम और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

सुमित्रा महाजन ने अपने कार्यकाल में पूरी क्षमता से काम किया –जीतू

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर नगर निगम गीले और सूखे कचरे के नाम पर जनता को लंबे समय से परेशान करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने अपने कार्यकाल में पूरी क्षमता से काम किया, लेकिन वर्तमान दौर में इंदौर संगठित अपराध और हादसों का केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने बावड़ी कांड, चूहा कांड और भागीरथपुरा हादसे का उल्लेख करते हुए इन्हें संगठित अपराध की श्रेणी में बताया।

इंदौर के इतिहास का “सबसे असफल महापौर” पुष्यमित्र भार्गव-जीतू

पटवारी ने आरोप लगाया कि महापौर ने देश-दुनिया में इंदौर की छवि को धूमिल किया है और पूरी एमआईसी को गड्ढे में डाल दिया है। उन्होंने पुष्यमित्र भार्गव को इंदौर के इतिहास का “सबसे असफल महापौर” करार दिया। साथ ही मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को अहंकारी बताते हुए नैतिकता के आधार पर उनसे इस्तीफे की मांग की।

उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे इंदौर के प्रति गंभीर नहीं हैं और केवल औपचारिकता निभाने के लिए शहर आते हैं। इंदौर कलेक्टर के संघ कार्यालय जाने के मामले पर भी आपत्ति जताते हुए पटवारी ने कहा कि इसकी शिकायत जल्द की जाएगी और संबंधित अधिकारी को हटाया जाना चाहिए।

जीतू पटवारी ने कहा कि एक समय स्वच्छता में नंबर-1 रहने वाला इंदौर आज जहरीले पानी के कारण बदनाम हो रहा है। उन्होंने 2017-18 के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि उस समय नगर निगम का बजट 56 हजार करोड़ रुपये था, जिसमें से 3700 करोड़ रुपये ड्रेनेज के लिए मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 25 वर्षों में भाजपा सरकार ने इंदौर नगर निगम में करीब 1 लाख करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन उसका सही हिसाब आज तक जनता के सामने नहीं आया।

भागीरथपुरा हादसे पर प्रधानमंत्री मोदी ने अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया-कांग्रेस

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भागीरथपुरा हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया, जबकि छोटी-छोटी बातों पर ट्वीट किए जाते हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच रिटायर्ड जज से कराने, महापौर व अन्य जिम्मेदारों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने और पानी का रियल टाइम ऑडिट कराने की मांग की।प्रेस वार्ता के अंत में कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि नगर निगम में पानी से जुड़ी घटनाओं और मौतों पर नजर रखने के लिए एक अलग विभाग बनाया जाए और इंदौर की जनता को स्वच्छ व सुरक्षित पेयजल की गारंटी दी जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


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Content Editor

Desh sharma

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