अब 2 रुपए के डोज में होगा गोवंश का बचाव, एंटी वायरल एम बी मामूली कीमत पर उपलब्ध

9/29/2022 5:09:31 PM

भोपाल: लंपी वायरस (lampi virus 2022) के खिलाफ राष्ट्रीय एम बी टीम की संयोजक साधना करनिक, प्रधान डॉ. दीपक गोलवलकर, डॉ. जगदीप काकड़िया और अश्विन पटेल ने कहा कि वर्तमान समय में लंपी से बचाव के लिए सस्ती एंटीवायरल दवा (antiviral medicine) मिथेलिंन ब्लू ही एकमात्र संकटमोचक दवा है। लंपी के खिलाफ एमबी टीम की संयोजक साधना करनिक प्रधान ने बताया कि वे सभी राज्य के मुख्यमंत्रियों व जन प्रतिनिधियों को इस मुद्दे पर लेटर लिखकर लंपी वायरस के संकटमोचक एम बी दवाई भारत के सभी अस्पतालों व डॉक्टरों को उपलब्ध कराने की मांग कर रही है।

एम बी टीम की संयोजक ने बताया कि राजस्थान में टीम के अध्ययन के अनुसार मिथेलिन ब्लू दवाई का लंपी से सावधानी डोज देने पर 95% गोवंश का लंपी से बचाव हुआ।एमबी दावा देने वाले घरों के आसपास के घरों में लंपी फैला लेकिन अपने गौवंश को एम बी देने वाले घर का गोवंश उससे बचा रहा। एम बी टीम के अध्ययन के अनुसार सस्ती और प्रभावी एंटीवायरल दवा एम बी को स्वास्थ्य गोवंश को लंपी के हाय रिस्क जोन्स में भी लंपी से बचाव के लिए दिया जा सकता है। जबकि राज्यों की ओर से केंद्र की वैक्सीन गाइडलाइन का उल्लघंन करने से लंपी से प्रभावित हुआ है। रिस्क ज़ोन में भी वैक्सिन लगने से स्वास्थ्य गायों में लंपी का वायरस फैला है।

लंपी के खिलाफ एमम बी टीम के राष्ट्रीय अभियान संयोजक साधना कर्निक प्रधान डॉ. दीपक गोलवलकर, डॉ. जगदीप काकड़िया ने भारत के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों जन प्रतिनिधियों को पत्र लिखकर मांग की है कि पूरे देश के गोवंश को लंपी से बचाव के लिए 2 रुपए प्रतिदिन डोज की कीमत सस्ती और प्रभावी एंटीवायरल दवा मिथेलीन ब्लू एमबी पिलाने की व्यवस्था की जाए।

एम बी दवाई देने से स्वास्थ्य गोवंश का लंपी से  हुआ बचाव

ज्ञात हो कि एम बी टीम के अध्ययन के अनुसार 2,000 स्वास्थ्य गोवंश को एम बी देने से उनका लंपी इंफेक्शन से 95% बचाव हुआ है। जबकि एम बी दवाई से स्वास्थ्य गाय के बचाव का खर्च केवल 2 रुपए प्रतिदिन है और एम बी से बीमार गाय के इलाज का खर्च केवल 5 रुपए प्रतिदिन है। एम बी दवाई को स्वास्थ्य गोवंश को लंपी के  हाय रिस्क ज़ोन में भी दी जा सकती है।

 


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News Editor

Devendra Singh

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