BJP नेताओं को राज्य मंत्री की बड़ी नसीहत: बोले- भाजपा संगठन का पद बिल पास कराने और फोटो खिंचवाने के लिए नहीं
Monday, Aug 10, 2026-02:54 PM (IST)
रायपुरः छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री एवं वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता रामविचार नेताम की सोशल मीडिया पर सामने आई एक नसीहत को लेकर राजनीतिक और संगठनात्मक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है। नेताम ने कथित तौर पर भाजपा के कुछ नेताओं और पदाधिकारियों को संगठन में मिले दायित्व की भूमिका याद दिलाते हुए कहा है कि पद का इस्तेमाल निजी काम निकलवाने, सिफारिश कराने या केवल फोटो खिंचवाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। बताया गया है कि मंत्री नेताम की ओर से‘पाल के लाल रामविचार नेताम'नाम से बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप में यह संदेश साझा किया गया। बाद में संदेश के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर वायरल होने लगे।
वायरल संदेश में रामविचार नेताम ने लिखा है,‘‘वे तथाकथित भाजपा नेताओं से विनम्र निवेदन करना चाहते हैं कि संगठन में मिला पद व्यक्तिगत काम निकलवाने या निजी प्रभाव दिखाने का माध्यम नहीं है।‘‘ उन्होंने कहा है कि संगठन में मिला पद‘‘बिल पास करवाने, सिफारिश करवाने और फोटो खिंचवाने के लिए नहीं होता।‘‘ नेताम ने पदाधिकारियों को संगठन के प्रति उनकी जिम्मेदारी का भी स्मरण कराया। संदेश में कहा गया है कि संगठन में दायित्व मिलने के साथ कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। ऐसे में जब संगठन आलोचनाओं का सामना कर रहा हो अथवा उसकी विचारधारा पर प्रहार हो रहे हों, तब पदाधिकारियों को सामने आकर संगठन के पक्ष में मजबूती से अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन के लिए कठिन परिस्थितियों में खड़े होने वाले कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का ही वास्तविक महत्व है। केवल पद प्राप्त कर लेना संगठन के प्रति जिम्मेदारी पूरी होने का आधार नहीं हो सकता।
मंत्री ने पद के सम्मान को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि किसी पद की प्रतिष्ठा केवल‘‘लेटर पैड और नेम प्लेट‘'से नहीं बढ़ती, बल्कि मुश्किल समय में संगठन के साथ मजबूती से खड़े रहने से बढ़ती है। नेताम की यह टिप्पणी ऐसे समय सामने आई है जब भाजपा संगठन में पदाधिकारियों की भूमिका और राजनीतिक-संगठनात्मक जिम्मेदारियों को लेकर चर्चाएं होती रहती हैं। हालांकि वायरल संदेश में किसी व्यक्ति का नाम लेकर कोई सीधा आरोप नहीं लगाया गया है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि नेताम की यह नसीहत किन परिस्थितियों अथवा किन लोगों के संदर्भ में की गई। व्हाट्सएप ग्रुप में साझा किए गए बताए जा रहे इस संदेश के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भाजपा के संगठनात्मक और राजनीतिक हलकों में इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं।

