MP Congress में CM चेहरे पर घमासान! जीतू पटवारी को 2028 का दावेदार बताने पर कांग्रेस नेता ने ही उठाए सवाल
Saturday, Oct 24, 2026-12:59 PM (IST)
भोपाल: मध्यप्रदेश कांग्रेस में वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री पद के चेहरे की चर्चा ने पार्टी के भीतर नई बहस छेड़ दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को अगले विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री पद का संभावित दावेदार बताए जाने पर अब पार्टी के अंदर से ही आपत्ति सामने आई है। कांग्रेस किसान प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष केदार सिरोही ने इस तरह की बयानबाजी पर सवाल उठाते हुए संगठन की प्रक्रिया और आंतरिक लोकतंत्र का मुद्दा उठाया है।
बिना आधिकारिक फैसले CM चेहरे की चर्चा पर आपत्ति
केदार सिरोही ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जीतू पटवारी को वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री पद का चेहरा बताने से पहले पार्टी के भीतर कोई औपचारिक निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब न तो विधायक दल की बैठक में इस संबंध में कोई फैसला लिया गया और न ही शीर्ष नेतृत्व की ओर से ऐसी कोई घोषणा हुई, तो फिर इस तरह की चर्चा शुरू करने का आधार क्या है?
सिरोही की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक के बयान के बाद सामने आई है। उनके मुताबिक, किसी नेता को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बताना पार्टी की निर्धारित प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। बिना संगठन की सहमति के इस तरह के बयान देना पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र और स्थापित परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
जीतू पटवारी से बयान का खंडन करने की मांग
केदार सिरोही ने अपने बयान में जीतू पटवारी की संगठनात्मक भूमिका को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि पटवारी वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं और संगठन को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं। हालांकि, उनके अनुसार संगठन में जिम्मेदारी निभाने का मतलब यह भी है कि पार्टी के भीतर किसी पद को लेकर समय से पहले होने वाली चर्चाओं पर स्पष्टता रखी जाए।
सिरोही ने पटवारी से इस मामले में खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट करने और इस तरह के बयानों का खंडन करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे बयानों पर नेतृत्व की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आती है, तो कार्यकर्ताओं के बीच यह धारणा बन सकती है कि किसी व्यक्ति को आगे बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से प्रचार किया जा रहा है।
व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से ऊपर होना चाहिए पार्टी का संगठन
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति की राजनीतिक महत्वाकांक्षा पार्टी के संविधान, संगठनात्मक व्यवस्था और उसकी परंपराओं से ऊपर नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री पद जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करने से पहले पार्टी के भीतर उचित विचार-विमर्श और निर्णय की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम ने मध्यप्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व और भविष्य के राजनीतिक चेहरे को लेकर चल रही चर्चा को एक बार फिर तेज कर दिया है। वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को लेकर सामने आई यह असहमति पार्टी के अंदर अलग-अलग विचारों की ओर संकेत करती है।
अब सवाल यह है कि कांग्रेस नेतृत्व इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट रुख अपनाता है या मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर चल रही बहस आगे भी जारी रहती है। फिलहाल, केदार सिरोही की आपत्ति ने प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक फैसलों और नेतृत्व की भूमिका को लेकर नई राजनीतिक चर्चा जरूर शुरू कर दी है।

