किसानों के लिए ऐतिहासिक फैसला: MP में सालभर चलेगा ‘कृषक कल्याण वर्ष 2026’, जानें 10 बड़े संकल्प

Sunday, Jan 11, 2026-06:46 PM (IST)

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के किसानों के लिए वर्ष 2026 नई उम्मीदों और नए अवसरों का वर्ष होगा। किसान हमारे अन्नदाता हैं, जो अपने परिश्रम से देश और समाज का उदर-पोषण करते हैं। किसानों को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी समृद्धि सुनिश्चित करना ही सरकार का एकमात्र ध्येय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित विशाल किसान सम्मेलन में वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाने की अधिकृत घोषणा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, सिंचाई, भंडारण और बाजार तक बेहतर पहुंच के माध्यम से खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि केवल आजीविका का एक साधन ही नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। कृषि क्षेत्र के सशक्तिकरण में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान सम्मेलन के दौरान ई-विकास, वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति सामधान प्रणाली (विकास पोर्टल) का शुभारंभ किया। कृषक कल्याण वर्ष 2026 में किसानों की आमदनी बढ़ाने सहित इनकी बेहतरी और खुशहाली के लिए किए जाने वाले प्रयासों के संबंध में एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। किसान सम्मेलन में सरकार की विभिन्न योजनाओं, नवाचारों और भावी कार्ययोजना की जानकारी भी किसानों को दी गई। 

पूरा साल किसानों के कल्याण के लिए समर्पित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने पूरा साल किसानों के कल्याण के लिए समर्पित किया है। हमारी सरकार खेतों से निकलने वाली पराली से  भी किसानों आय बढ़ाने का प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त्‍ करते हुए कहा कि हमारा मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां बीते सालों के प्रयासों से खेती का रकबा ढाई लाख हेक्टेयर तक बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में  पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) नदी लिंक एवं केन-बेतवा नदी लिंक राष्ट्रीय परियोजना सहित ताप्ती ग्राउंड वाटर रिचार्ज मेगा परियोजना से प्रदेश के 25 जिलों में 16 लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त कृषि रकबा सिंचित हो जाएगा। 

PunjabKesariकिसानों के हित में हमने जा कहा, वह करके दिखाया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के हित में हमने जो कहा, वह करके दिखाया है। प्रदेश में श्रीअन्न उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए डिण्डोरी जिले में मध्यप्रदेश राज्य श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जाएगी। इससे  श्रीअन्न का उत्पादन और पोषण सुरक्षा को नई ऊंचाई मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर में सरसों अनुसंधान और उज्जैन में चना अनुसंधान केंद्र स्थापित किए जा रहा हैं। इन केंद्रों के जरिए इन फसलों की गुणवत्ता और पैदावार बढ़ाने पर विशेष बल दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश के 30 लाख से अधिक किसानों को अगले तीन साल में सोलर पावर पम्प देंगे। हर साल 10 लाख किसानों को सोलर पम्प देकर इन्हें अन्नदाता से आत्मनिर्भर ऊर्जादाता बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र का रकबा निरंतर बढ़ रहा है। अभी 65 लाख हेक्टेयर है, इसे बढ़ाकर वर्ष 2028-29 तक 100 लाख हेक्टेयर तक लेकर जाएंगे।   

किसानों को लौटाएंगे उनका वैभव


मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में सरकार प्रदेश के किसानों के समग्र कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। सालभर विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के जरिए सरकार के 16 से अधिक विभाग/मंत्रालय आपसी समन्वय से किसानों को उनका वैभव लौटाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोयाबीन के बाद अब सरसों की फसल को भी हम भावांतर योजना के दायरे में लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित उद्योगों के विकास में किसानों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। ऐसे उद्योग लगाने वालों  को सरकार सब्सिडी देगी। प्रदेश में बीज परीक्षण कार्य से जुड़ी सभी प्रयोगशालाओं को और अधिक सशक्त कर सभी मंडियों का भी आधुनिकीकरण किया जाएगा। 

रिक्त पदों पर भर्ती कर कृषि तंत्र को करेंगे मजबूत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभागीय अमले की तेज भर्ती के लिए भी हमारी सरकार प्रयासरत है। कृषि विभाग और राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड में सभी श्रेणी के रिक्त पदों की जल्द से जल्द पूर्ति कर प्रदेश में कृषि तंत्र को और भी मजबूत बनाया जाएगा। सरकार माइक्रो इरिगेशन सिस्टम का दायरा बढ़ाने की ओर भी अग्रसर है। किसानों को होने वाली फसल नुकसानी का अब आधुनिक तकनीक से सर्वे कराया जाएगा। इससे किसानों को मुआवजे की राशि जल्द से जल्द मिल सकेगी। किसानों की बेहतरी और खुशहाली के लिए हर सभी कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए जीरो प्रतिशत ब्याज दर से ऋण प्रदाय योजना आगे भी जारी रहेगी। 

किसानों को मिलेगा उनकी उपज और परिश्रम का बेहतर मूल्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कृषक कल्याण वर्ष के दौरान कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे, ताकि किसानों को उनकी उपज एवं परिश्रम का बेहतर मूल्य मिल सके और गांवों में ही रोजगार के नए अवसर पैदा हों। इसके साथ ही प्रदेशभर में कृषि उत्सव और किसान मेलों का आयोजन कर किसानों को आधुनिक खेती के गुर सिखाए जाएंगे। प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ खेती-किसानी में नवाचारों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेतों में पसीना बहाने वाले किसान राष्ट्रसेवा का सर्वोच्च उदाहरण हैं। ऐसे में किसानों की सेवा, संबल और समृद्धि में सहयोग करना सरकार का कर्तव्य और धर्म है। उन्होंने प्रदेश के सभी किसानों से आह्वान करते हुए कहा कि वे नई तकनीकों को अपनाएं, बदलते समय के साथ कदम मिलाकर चलें और खेती को आधुनिक बनाएं। किसान कल्याण वर्ष का भव्य शुभारंभ कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी अन्नदाताओं को भरोसा दिलाया कि किसानों की सुख-समृद्धि में ही सरकार का सुख है। हर कदम पर, हर जरूरत के वक्त सरकार किसानों 
के साथ खड़ी है।

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अन्नदाता मध्यप्रदेश के माथे का तिलक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अन्नदाता मध्यप्रदेश के माथे का तिलक हैं, जिसका तिलक खेत की मिट्टी है, वही मध्यप्रदेश का किसान है। उन्होंने कहा कि किसानों का पसीना प्रदेश की पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष के शुभारम्भ के साथ हम आत्मनिर्भर और समृद्ध किसान, उन्नत कृषि और मूल्य श्रंखला आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था के माध्यम से समृद्ध प्रदेश का निर्माण करेंगे। किसानों की आय बढ़ाने और आय को स्थाई करेंगे, खेती को लाभ का धंधा बनाएंगे। तकनीक, नवाचार और वैज्ञानिक सोच से खेती को उन्नत करेंगे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष हम कृषि आधारित उद्योग, फूड प्रोससिंग यूनिट को बढ़ावा देंगे। प्राकृतिक एवं जैविक कृषि को मिशन मोड में बढ़ावा देंगे। अपशिष्ट से बायोगैस, एथेनॉल और हरित ऊर्जा से किसान को ऊर्जादाता बनाएंगे। पर ड्रॉप मोर क्रॉप 2.0' और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रदेश के कृषि उत्पादों के ब्रांडिंग की जाएगी, निर्यात पर विशेष फोकस होगा। रिसर्च, इनोवेशन के माध्यम से कृषिक सशक्तिकरण की दिशा में काम करेंगे। युवाओं को भी खेती से जोड़ेंगे। कृषि पर्यटन से गांवों में नए रोजगार और पहचान के अवसर पैदा होंगे। कृषि के साथ डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर्स सहित फल, सब्जी मसाला एवं औषधीय फसलों के उत्पादन को भी मजबूती से बढ़ावा देंगे। 

कृषि आधारित स्टार्ट-अप को देंगे बढ़ावा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम किसानों के जीवन में समृद्धि लेकर आएंगे। कृषि क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्यमियों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कृषि आधारित स्टार्ट-अप को बढ़ावा देंगे। मेगा फूड पार्क, कृषि-प्रसंस्करण क्लस्टर और लॉजिस्टिक अधोसंरचना को सुदृढ़ करेंगे। 'खेत से फैक्ट्री तक' के विज़न के तहत किसानों को सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। खेत से लेकर बाजार तक किसान समर्थ, सक्षम और समृद्ध हों, यही हमारा एकमात्र लक्ष्य है। 

किसान की मुस्कान ही मध्यप्रदेश की समृद्धि का आधार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिसका तिलक खेत की मिट्टी वो मध्यप्रदेश का किसान है। किसान भाइयो-बहनों के पसीने, धैर्य और अट्टू परिश्रम से ही राज्य को देश की फूड बास्केट का मुकुट पहनाया है। आज हम कृषक कल्याण वर्ष 2026 का शुभारंभ कर रहे हैं। यह वर्ष मध्यप्रदेश के कृषि विकास और किसान कल्याण का इतिहास लिखेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान भाईयों का सुख ही हमारा सुख है। किसान की मुस्कान ही मध्यप्रदेश की समृद्धि का आधार है।
किसान कल्याण के लिए सरकार के 10 संकल्प

मुख्यमंत्री ने डॉ. यादव ने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने, लागत घटाने और खेती को स्थायी करने के लिए हमारी सरकार ने 10 दिशात्मक मॉडल तैयार किये हैं। यह मॉडल हमारे लिए 10 संकल्प की तरह हैं। इसके तहत हम कृषि बदलाव की बड़ी परियोजनाओं पर हम युद्ध स्तर पर काम करेंगें। किसानों की आय वृद्धि एवं वेस्ट में कमी लाने का पूरा प्रयास करेंगे। प्राकृतिक एवं जैविक कृषि को मिशन मोड पर बढ़ावा देंगे। संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए पर 'ड्रॉप मोर क्रॉप 2.0' और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन को बढ़ावा देंगे। कृषि अपशिष्ट से ऊर्जा बनाने के लिए कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट (सीबीजी) की स्थापना की जाएगा। 'एमपी ग्लोबल एग्री ब्रांडिंग' और 'एग्री-हैकाथॉन' जैसे नवाचारों पर विशेष फोकस करेंगे। प्रदेश के कृषि उत्पादों की ब्रांडिंग की जाएगी, निर्यात पर फोकस होगा।, कृषि आधारित उद्योग और फूड प्रोसेसिंग यूनिट को बढ़ावा देंगे। रिसर्च, इनोवेशन एवं सशक्तिकरण की दिशा में काम किया जाएगा। युवाओं को खेती के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही आधुनिक तकनीक को खेती-किसानी का अहम हिस्सा बनाएंगे। 

कृषक-कल्याण वर्ष का कैलेंडर हुआ जारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत सालभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।  फरवरी में कोदो-कुटकी बोनस वितरण, मार्च में प्राकृतिक खेती संगोष्ठी और मई में नर्मदापुरम् का प्रसिद्ध 'आम महोत्सव' आयोजित किया जाएगा। अगस्त-सितम्बर में इन्दौर में एफपीओ कन्वेंशन और छिंदवाड़ा में एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर निधि पर कार्यशालाएं होंगी। अक्टूबर और नवम्बर के महीने में 'फूड फेस्टिवल' और नरसिंहपुर में 'गन्ना महोत्सव' आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए हम सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी, बिजली, शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण, फसलों पर समर्थन मूल्य और फसल बीमा की राशि का समय पर अंतरण किया जा रहा है। सरकार हर कदम पर किसानों के साथ है। किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हम कृषक कल्याण वर्ष को सफल बनाएंगे।

PunjabKesariफसल सुरक्षा के लिये करेंगे समुचित प्रयास

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुछ फसलें जल्दी नष्ट हो जाती है, तो किसानों को ऐसी फसल को कम दाम में बेचकर नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसी शीघ्रनाशी फसलों वाले स्थान चिन्हित कर इन स्थानों पर फूड पार्क और फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर किसानों की फसल सुरक्षा सुनिश्चित की जायेगी। इससे किसानों को उनकी उपज का भरपूर दाम मिल सकेगा।

प्रदर्शनी का शुभारंभ और कन्या-पूजन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन स्थल पर आयोजित कृषि विकास प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। गौमाता पूजन एवं उन्हें रोटी खिलाकर सम्मेलन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदर्शनी के हर स्टॉल में जाकर मुआयना किया और संबंधितों से चर्चा भी की। प्रदर्शनी में देशी-विदेशी नस्ल के गौवंश का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में 65 प्रकार के उन्नत कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ कन्या पूजन कर विशाल किसान सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं में हितलाभ भी वितरित किये। 

वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल ने प्रदेश के हर किसान परिवार की खुशहाली के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के किसानों के उत्पाद अब निर्यात किए जाएंगे। वर्ष 2026 किसानों के कल्याण को समर्पित है। यह एक पुनीत संकल्प है। उन्होंने कहा टमाटर उत्पादन में हमारा प्रदेश, देश में प्रथम और गेहूं उत्पादन में दूसरे नम्बर पर है। यह एक बड़ी उपलब्धि है।  
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किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि किसानों को मदद देकर मजबूत बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है। इस वर्ष पूरी सरकार किसानों के कल्याण के लिए समर्पित होकर काम करेगी।  खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि हमारी सरकार अन्नदाताओं के साथ है। किसान की खेती-किसानी को बेहतर बनाकर पैदावार एवं आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार के 16 से अधिक विभाग मिलकर काम करेंगे। यह एक लक्ष्य की साधना का वर्ष है और हम यह संकल्प पूरा करके रहेंगे। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि किसान ही प्रदेश की सुख-समृद्धि, सुरक्षा और विकास का द्वार है। किसानों से ही प्रदेश समृद्ध होगा। खेत से बाजार तक और बीज को ब्रांड बनाने तक सरकार किसानों के साथ है। यह वर्ष किसान कल्याण के मामले में मील का पत्थर साबित होगा। 

किसान सम्मेलन में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री चेतन्य काश्यप, पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन सिंह पटेल, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पवार, राज्यसभा सदस्य बंशीलाल गुर्जर, वरिष्ठ विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक सीहोर सुदेश राय, विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर, जिला पंचायत अध्यक्ष भोपाल रामकुंवर नौरंगसिंह गुर्जर, महापौर मालती राय,  जयपाल सिंह चावड़ा, रविन्द्र यति,  आशीष अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग के जिलों से बड़ी संख्या में आए किसान बंधु उपस्थित थे।
 


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Content Editor

Himansh sharma

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