एमपी में मृत शिक्षक करेंगे जनगणना ! 2 साल पहले हो गया निधन, फिर भी सूची में नाम; विभाग में मचा हड़कंप
Wednesday, Apr 29, 2026-10:59 AM (IST)
छतरपुर (राजेश चौरसिया): एमपी के छतरपुर जिले में से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां जनगणना में एक मृत शिक्षक की ड्यूटी लगा दी गई। जबकि 2 साल पहले शिक्षक का निधन हो गया है। यहां जनगणना कार्य के लिए जारी सूची में मृत शिक्षक का नाम शामिल है। इसके चलते जिला प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, मामले में एसडीएम ने जांच के आदेश दिए गए है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला जिले के बड़ामलहरा अनुभाग के घुवारा क्षेत्र में से सामने आया है। यहां जनगणना कार्य के लिए जारी की गई सूची में मृत शिक्षक की ड्यूटी लगा दी गई। दरअसल, माध्यमिक शिक्षक हरिश्चंद्र जैन का निधन 15 अप्रैल 2023 को हो गया था। इसके बावजूद हाल ही में मकान सूचीकरण और जनगणना प्रशिक्षण के लिए जारी सूची में उनका नाम शामिल कर उन्हें जिम्मेदारी सौंप दी गई। हैरानी की बात यह है कि संबंधित विभाग को इस बात की जानकारी तक नहीं रही कि शिक्षक अब जीवित नहीं हैं।

रिकॉर्ड अपडेट न होने से हुई बड़ी चूक
यह मामला साफ तौर पर दर्शाता है कि विभागीय रिकॉर्ड समय पर अपडेट नहीं किए जा रहे हैं। किसी मृत कर्मचारी के नाम पर ड्यूटी लगना न सिर्फ लापरवाही है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर खामी भी उजागर करता है। स्थानीय स्तर पर इसे लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। मामले में जब जिम्मेदार अधिकारियों से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो एसडीएम बड़ामलहरा अखिल राठौर और तहसीलदार आदित्य सोनकिया ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। आरोप है कि दोनों अधिकारी मामले से पल्ला झाड़ते नजर आए।
कार्रवाई की उठी मांग
घटना सामने आने के बाद शिक्षक संगठनों और स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक गलती नहीं, बल्कि पूरी कार्य प्रणाली की लापरवाही का उदाहरण है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की जांच कर दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी चूक न हो, इसके लिए रिकॉर्ड अपडेट की प्रक्रिया को दुरुस्त किया जाए।
एसडीएम ने दिए जांच के आदेश
मामले को लेकर जब छतरपुर जिले के बड़ामलहरा एसडीएम अखिल राठौर ने कहा कि मामला की जांच कराई जाएगी। बताया कि यह डियूटी तहसीलदार और स्थनीय नगरपरिषद के द्वारा निर्धारित की जाती है। साथ ही कहा भविष्य में ऐसी गलती न दोहराई जाए, इसके लिए रिकॉर्ड अपडेट की प्रक्रिया दुरुस्त की जाएगी।

