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MP में बदलने जा रही चुनावी व्यवस्था, 2027 में पंच-सरपंच भी EVM से चुने जाएंगे

Friday, Aug 07, 2026-08:30 PM (IST)

भोपाल। मध्यप्रदेश में वर्ष 2027 के स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हो सकते हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी तैयारियों को समय से पहले गति देते हुए ऐसी व्यवस्था पर काम शुरू कर दिया है, जिससे पंचायत स्तर तक पूरी मतदान प्रक्रिया आधुनिक तकनीक से संचालित हो सके। यदि आयोग की योजना तय समय पर लागू होती है, तो पहली बार प्रदेश में पंच और सरपंच पदों के लिए भी मतपत्र नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का उपयोग किया जाएगा।

अब तक पंचायत चुनावों में पंच और सरपंच के लिए पारंपरिक बैलेट पेपर से मतदान कराया जाता था, जबकि जिला और जनपद पंचायत सदस्यों के चुनाव ईवीएम के माध्यम से होते थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद स्थानीय निकाय और पंचायत के सभी पदों पर मतदान पूरी तरह ईवीएम आधारित हो जाएगा। इससे मतगणना की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज, पारदर्शी और व्यवस्थित होने की उम्मीद है।

राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी तैयारियों की शुरुआत करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में विभिन्न जिलों के उप निर्वाचन अधिकारियों और मास्टर ट्रेनर्स ने हिस्सा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आगामी चुनावों के लिए तकनीकी व्यवस्थाओं, प्रशिक्षण और मशीनों की उपलब्धता पर अभी से विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि मतदान के समय किसी प्रकार की परेशानी सामने न आए।

जानकारी के अनुसार, जून 2027 में प्रदेश की 413 नगरीय निकायों के लिए मतदान कराया जाएगा। इसके लिए लगभग 22 हजार मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। इसके बाद जुलाई में पंचायत चुनाव आयोजित होने की संभावना है। आयोग की कोशिश है कि दोनों चुनाव आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के साथ शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष तरीके से संपन्न हों।

चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए इस बार कई संवेदनशील मतदान केंद्रों पर लाइव वेबकास्टिंग की भी तैयारी की जा रही है। इससे मतदान की निगरानी रियल टाइम में संभव होगी और किसी भी अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी। आयोग का मानना है कि तकनीक के प्रभावी उपयोग से मतदाताओं का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ईवीएम संचालन, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता से जुड़े सभी कार्य समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उनका कहना है कि स्थानीय चुनाव लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी हैं, इसलिए मतदान प्रक्रिया न केवल निष्पक्ष होनी चाहिए बल्कि मतदाताओं का भरोसा भी पूरी तरह कायम रहना चाहिए।

यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो मध्यप्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल हो जाएगा, जहां पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में शत-प्रतिशत ईवीएम आधारित मतदान की व्यवस्था होगी। चुनावी प्रक्रिया में यह बदलाव प्रशासनिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


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Content Editor

Himansh sharma

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