धान बेचने आए किसान से मांगी रिश्वत, लोकायुक्त ने केन्द्र प्रभारी को रंगेहाथ दबोचा
Friday, Jan 16, 2026-09:36 AM (IST)
सिवनी। मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारियों पर लोकायुक्त की सख्ती लगातार जारी है। इसके बावजूद भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा। ताजा मामला सिवनी जिले से सामने आया है, जहां लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने धान खरीदी केन्द्र के प्रभारी को किसान से रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई में केन्द्र का कंप्यूटर ऑपरेटर भी फंस गया है।
किसान से मांगी गई थी 1800 रुपए की रिश्वत
भोमा क्षेत्र के उड़ेपानी धान खरीदी केन्द्र के प्रभारी हासिब अंसारी पर किसान से अवैध वसूली का आरोप था। भोमाटोला निवासी किसान दुर्गेश चंद्रवंशी ने लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, प्रभारी ने धान खरीदी के एवज में पहले 1800 रुपए की मांग की, बाद में सौदा 1500 रुपए में तय हुआ।
लोकायुक्त का ट्रैप, रंगेहाथ दबोचा
शिकायत की पुष्टि के बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। तय योजना के तहत गुरुवार को किसान को रिश्वत की रकम देने के लिए केन्द्र पर भेजा गया। जैसे ही प्रभारी हासिब अंसारी ने 1500 रुपए की रिश्वत ली, मौके पर मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
कंप्यूटर ऑपरेटर की मिलीभगत उजागर
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस रिश्वतखोरी में धान खरीदी केन्द्र का कंप्यूटर ऑपरेटर भी शामिल था। लेन-देन और प्रक्रिया में उसकी भूमिका पाए जाने पर लोकायुक्त ने उसे भी आरोपी बनाया है।
दोनों के खिलाफ मामला दर्ज
लोकायुक्त ने केन्द्र प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटर दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करने वालों पर लोकायुक्त की नजर है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

