सिंहस्थ 2028 की तैयारी: बेगम बाग में 11 अवैध इमारतों पर बुलडोजर, महाकाल मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद
Saturday, Oct 31, 2026-12:18 PM (IST)
उज्जैन (विशाल सिंह ठाकुर): उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पास स्थित बेगम बाग क्षेत्र में एक बार फिर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। यहां करीब 11 अवैध इमारतों को बुलडोजर की मदद से तोड़ा जा रहा है। कार्रवाई शनिवार सुबह 9 बजे शुरू हुई। प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान किसी तरह का विरोध देखने को नहीं मिला। भवन मालिकों ने कार्रवाई से पहले ही अपने मकान और इमारतें खाली कर दी थीं।
बेगम बाग क्षेत्र महाकाल मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग के पास स्थित है। क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कार्रवाई के चलते चार पहिया वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है। लोगों को आने-जाने के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

1985 में 30 साल की लीज पर दिए गए थे भूखंड
पूरा मामला उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) से जुड़ा है। वर्ष 1985 में प्राधिकरण ने बेगम बाग क्षेत्र में 48 भूखंड आवासीय उपयोग के लिए 30 साल की लीज पर दिए थे। प्रत्येक भूखंड का आकार करीब 2400 वर्ग फीट था।
नियमों के अनुसार इन भूखंडों का इस्तेमाल केवल मकान बनाने के लिए किया जाना था, लेकिन भूखंड धारकों ने इनका व्यावसायिक उपयोग शुरू कर दिया। इसके अलावा वर्ष 2014-15 में लीज की अवधि भी समाप्त हो गई थी। इसके बाद लीज का नवीनीकरण नहीं कराया गया।

नोटिस के बाद मामला पहुंचा न्यायालय
उज्जैन विकास प्राधिकरण ने नियमों का उल्लंघन करने और लीज की अवधि समाप्त होने के बाद भूखंड खाली नहीं करने पर संबंधित लोगों को कई बार नोटिस जारी किए। इसके बाद भूखंड धारकों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
मामले में अलग-अलग न्यायालयों से मिले स्टे के कारण कार्रवाई रुकी हुई थी। हालांकि, लोअर कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने और स्टे हटने के बाद अब प्रशासन ने इमारतों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

106 इमारतों में से 99 को हटाया गया
इस पूरे क्षेत्र में यूडीए ने कुल 48 भूखंड आवंटित किए थे, लेकिन भूखंड धारकों ने इनके छोटे-छोटे टुकड़े करके करीब 106 इमारतें बना ली थीं।
पिछले करीब दो वर्षों में प्रशासन सात चरणों में कार्रवाई करते हुए 88 इमारतों को पहले ही हटा चुका है। आज की कार्रवाई के बाद अब तक कुल 99 इमारतें तोड़ी जा चुकी हैं। शेष 7 इमारतों को भी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद हटाया जाएगा।

भवन मालिकों ने खुद खाली किए मकान
प्रशासन के अनुसार, जिन इमारतों पर आज कार्रवाई की जा रही है, उनके संबंध में न्यायालय से स्टे हट चुका था। इसके बाद विकास प्राधिकरण ने भवन मालिकों को नोटिस जारी किए और उन्हें इमारतें खाली करने के लिए समय दिया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने भवन मालिकों से बातचीत कर उन्हें न्यायालय के आदेश और पूरी कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी। इसके बाद लोगों ने खुद ही अपने मकान और इमारतें खाली करना शुरू कर दिया।
यही वजह रही कि सुबह से चल रही बुलडोजर कार्रवाई के दौरान किसी तरह का विरोध या हंगामा देखने को नहीं मिला। प्रशासन की ओर से पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से की जा रही है।

