एसएटीआई विदिशा में एरियर-ग्रांट भुगतान पर सवाल, पात्र कर्मचारियों की अनदेखी और नियम विरुद्ध भुगतान का मामला
Monday, Mar 23, 2026-05:43 PM (IST)
भोपाल (इजहार खान) : एसएटीआई इंजीनियरिंग कॉलेज, विदिशा में ग्रांट और एरियर भुगतान को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। मामले में आरोप है कि पात्र कर्मचारियों को उनका हक नहीं दिया गया, जबकि कुछ अपात्र लोगों को नियम विरुद्ध लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई। इस मुद्दे ने शासन की निगरानी व्यवस्था और वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

चेतन सिंह राजपूत ने आरोप लगाया है कि कॉलेज में भुगतान प्रक्रिया के दौरान कई स्तरों पर गड़बड़ियां की गईं। उनके मुताबिक कुछ कर्मचारियों का एरियर तैयार ही नहीं किया गया, जबकि 89 दिनों की अल्पकालिक सेवा को नियमित सेवा मानकर भुगतान गणना की गई। साथ ही 1 अप्रैल 2000 के बाद नियमित हुए कर्मचारियों को भी एरियर लाभ देने का मामला सामने आया है।
राजपूत का आरोप है कि स्वीकृत पदों की स्थिति और पात्रता संबंधी नियमों को नजरअंदाज कर कुछ लोगों को आर्थिक लाभ पहुंचाने की कोशिश हुई। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, संदिग्ध भुगतानों पर रोक और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। मामला सामने आने के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि सरकार इस पर सख्त कदम कब उठाएगी। यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो यह विवाद और गहरा सकता है।

