पुलिस महकमे में हड़कंप! TI समेत 3 पुलिसकर्मी लाइन अटैच, SP ने दिखाई सख्ती
Monday, Jul 20, 2026-03:39 PM (IST)
रतलाम। जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए स्टेशन रोड थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह जादौन, एएसआई देवेंद्र सिंह सेंगर और डीडी नगर थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल भूपेंद्र सिंह चौहान को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है और इसे जिले में अनुशासन व जवाबदेही को लेकर दिया गया स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, स्टेशन रोड थाना क्षेत्र में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं, असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने तथा हाल ही में हुए चर्चित चाकूबाजी प्रकरण में पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों के बाद यह कार्रवाई की गई। मामले में वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रारंभिक समीक्षा के दौरान कई स्तरों पर लापरवाही के संकेत पाए।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने देर रात थाने पहुंचकर इलाके में सक्रिय असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद मामला राजनीतिक स्तर तक पहुंचा और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठे। हालांकि अधिकारियों ने उस समय गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद थाना प्रभारी को हटाने की मांग लगातार उठती रही।
इसी बीच स्टेशन रोड क्षेत्र में हुए चर्चित चाकूबाजी कांड ने मामले को और गंभीर बना दिया। आरोप है कि मुख्य आरोपी के खिलाफ पहले से आपराधिक रिकॉर्ड होने के बावजूद समय रहते प्रभावी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई नहीं की गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी की चोट को लेकर पुलिस के दावों पर भी सवाल खड़े हुए, जब जेल के भीतर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि बीट स्टाफ, चीता मोबाइल और डायल-112 की निगरानी अपेक्षित स्तर की नहीं थी। घटना के दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों द्वारा तत्काल और प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने को भी गंभीरता से लिया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने पूरे प्रकरण की विस्तृत विभागीय जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पंद्रो को सौंप दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में यदि अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

