छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध हास्य कलाकार सुभाष उमरे का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर
Thursday, Apr 02, 2026-11:41 AM (IST)
धमधा (हेमंत पाल) : छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और हास्य परंपरा को जीवंत रखने वाले सुप्रसिद्ध हास्य कलाकार और लाफ्टर लेखक सुभाष उमरे का निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र सहित छत्तीसगढ़ के कला जगत में गहरा शोक व्याप्त है।
दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम लिटिया सेमरिया में जन्मे सुभाष उमरे ने अपनी अनोखी हास्य शैली और मंचीय अभिनय से हजारों लोगों को वर्षों तक हंसाया। 1 मार्च 1959 को जन्मे सुभाष उमरे ने 1 अप्रैल 2026 की शाम अपने ही गांव में अंतिम सांस ली। सुभाष उमरे सात भाइयों में तीसरे स्थान पर थे और परिवार में उनका विशेष स्थान था। भाई अजय उमरे ने बताया कि सुभाष उमरे बचपन से ही हंसमुख स्वभाव के थे और लोगों को हंसाना ही उनका जुनून बन गया था।

उन्होंने छत्तीसगढ़ी लोकनाट्य और नाचा मंचों पर अपनी अलग पहचान बनाई। चंदैनी गोंदा, लोकरंग अर्जुंदा और संत समाज हटूवा जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर उन्होंने अपनी कॉमेडी से दर्शकों को खूब गुदगुदाया। उनकी प्रस्तुति में सहजता, देसी अंदाज और सामाजिक व्यंग्य का अनूठा मिश्रण देखने को मिलता था।
सुभाष उमरे ने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कलाकारों पप्पू चंद्राकर , कुलेश्वर ताम्रकार , घेवर यादव के साथ कई मंचों पर कॉमेडी रोल निभाए। उनकी जोड़ी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय थी और जैसे ही वे मंच पर आते, माहौल ठहाकों से गूंज उठता था।
उनके निधन से छत्तीसगढ़ की लोककला जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। कलाकारों, प्रशंसकों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। आज उनके पैतृक गांव सेमरिया के मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचेंगे। सुभाष उमरे भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी हास्य कला और यादें हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी।

