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रायगढ़ में अफीम की अवैध खेती का खुलासा, छत्तीसगढ़ में 18 दिनों में यह पांचवा मामला

Monday, Mar 23, 2026-05:19 PM (IST)

रायगढ़ : छत्तीसगढ़ में रायगढ़ जिले के एक गांव में अफीम की अवैध खेती के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले 18 दिनों में राज्य में यह ऐसा पांचवा मामला है। अधिकारियों ने बताया कि लैलुंगा थानाक्षेत्र के नवीन घटगांव में अफीम की अवैध फसल को जब्त किया गया और इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

उन्होंने बताया कि जिले में अपराध और गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे ड्रोन सर्वे अभियान के तहत जिला प्रशासन को यह सफलता मिली है। अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा पूरे जिले में ड्रोन के माध्यम से सतत निगरानी की जा रही है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में नवीन घटगांव क्षेत्र में ड्रोन सर्वे के दौरान एक खेत में अफीम की अवैध खेती की पुष्टि हुई।

अधिकारियों ने बताया कि उसके बाद प्रशासन और पुलिस का संयुक्त दल मौके पर पहुंचा और जांच के दौरान किसान साध राम नाथ के खेत में अफीम की खेती पाई गई एवं उसकी फसल को जब्त कर लिया गया। उन्होंने बताया कि गांव में ही अन्य व्यक्ति अभिमन्यु नागवंशी के घर में अफीम की सूखी फसल रखे होने की जानकारी भी मिली तथा जब यह दल वहां पहुंचा तब उसने देखा कि आरोपी साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास कर रहा है, जिसे समय रहते रोकते हुए फसल को जब्त किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और मादक पदार्थों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के लिए ड्रोन सर्वे अभियान निरंतर जारी रहेगा। अधिकारियों ने बताया कि इसी तरह लैलूंगा विकासखंड के मुड़ागांव में पुलिस ने कार्रवाई कर निजी भूमि पर उगाई जा रही अफीम की फसल को जब्त कर लिया। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान मौके से आरोपी तानसेन नागवंशी को हिरासत में लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है।

अधिकारियों ने बताया कि उसके घर से पौधों के सूखे अवशेष—जिनमें पत्तियां और तने शामिल हैं, जब्त किये गये। उन्होंने बताया कि इन नमूनों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। अफीम की खेती पुष्टि होने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले 20 मार्च को, रायगढ़ जिले के तमनार इलाके के अमाघाट गांव में लगभग एक एकड़ जमीन पर अफीम की अवैध खेती का पता चला था। पुलिस ने इस मामले में 2.05 करोड़ रुपये की अफ़ीम ज़ब्त की थी और पड़ोसी राज्य झारखंड के रहने वाले मार्शल सांगा (40) को गिरफ़्तार किया था। छह मार्च को राज्य में ऐसा पहला मामला सामने आया, जब पुलिस ने दुर्ग ज़िले के समोदा गांव में एक फार्महाउस में लगभग 5.62 एकड़ ज़मीन पर अफीम की अवैध खेती का पता लगाया। पुलिस ने इस मामले में स्थानीय भाजपा नेता विनायक ताम्रकार तथा उसके सहयोगी विकास विश्नोई और मनीष ठाकुर को गिरफ्तार किया।

अधिकारियों ने फार्म से 62,424.4 किलोग्राम अफीम के पौधे ज़ब्त किए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग आठ करोड़ रुपये है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बाद में ताम्रकार को इस मामले के सामने आने के बाद निलंबित कर दिया। वह पार्टी की किसान मोर्चा इकाई का एक पदाधिकारी था। एक अन्य मामले में पुलिस ने 10 मार्च को बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के त्रिपुरी घोसरदांड गांव में लगभग 3.67 एकड़ जमीन पर अफीम की अवैध खेती का पता लगाया। इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया और 4,344.569 किलोग्राम वजन के अफीम के पौधे जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 4.75 करोड़ रुपये है।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में ही कोरंधाथाना क्षेत्र के तुरीपानी (खजूरी) गांव में 12 मार्च को एक अलग कार्रवाई में, राजस्व, पुलिस और वन विभागों के एक संयुक्त दल ने लगभग 1.47 एकड़ जमीन पर अफीम की अवैध खेती का खुलासा किया। यहां लगभग 18 क्विंटल और 83 किलोग्राम अफीम के पौधे जब्त किए गए, जिनकी कीमत लगभग दो करोड़ रुपये है। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे नशीले पदार्थों की अवैध खेती के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। 


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Content Writer

meena

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