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संघ की हाईलेवल बैठक के बाद BJP के दिग्गजों की गुप्त एंट्री! उसी परिसर में कांग्रेस के बड़े नेता की मौजूदगी से बढ़ी सियासी हलचल

Thursday, Nov 05, 2026-11:46 AM (IST)

इंदौर। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर इन दिनों राजनीतिक गतिविधियों का नया केंद्र बनी हुई है। डेली कॉलेज में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक संपन्न होने के बाद कई ऐसे घटनाक्रम सामने आए हैं, जिन्होंने सियासी चर्चाओं को हवा दे दी है। संघ की महत्वपूर्ण बैठक के बीच बीजेपी के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के संगठनात्मक नेताओं की मौजूदगी से लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर की कथित आवाजाही तक, कई सवाल उठने लगे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के इंदौर दौरे को लेकर हो रही है, जिसकी जानकारी बेहद सीमित लोगों तक ही पहुंची।

संघ की बैठक के बीच बीएल संतोष की मौजूदगी ने बढ़ाई चर्चा

डेली कॉलेज में संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और मध्यप्रदेश के प्रदेश संगठन मंत्री चंद्रशेखर की मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा। संघ की बैठक के आसपास पार्टी के इन प्रमुख संगठनात्मक चेहरों का सक्रिय होना कई तरह की संभावनाओं को जन्म दे रहा है।

बीएल संतोष को बीजेपी की संगठनात्मक रणनीति और पार्टी के भीतर महत्वपूर्ण निर्णयों में अहम भूमिका निभाने वाला नेता माना जाता है। ऐसे में उनके इंदौर पहुंचने को सामान्य संगठनात्मक दौरे से जोड़कर नहीं देखा जा रहा। हालांकि, इस प्रवास का वास्तविक उद्देश्य क्या था और क्या संघ के पदाधिकारियों के साथ किसी विशेष विषय पर चर्चा हुई, इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

जावरा कंपाउंड कार्यालय पहुंचने पर मिली नेताओं को जानकारी

बीएल संतोष के दौरे की चर्चा के साथ सबसे ज्यादा सवाल इसकी गोपनीयता को लेकर उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनके इंदौर में होने की जानकारी प्रदेश के कई नेताओं और स्थानीय कार्यकर्ताओं को पहले से नहीं थी। जब वे बीजेपी के संभागीय कार्यालय जावरा कंपाउंड पहुंचे, तब उनके प्रवास की खबर संगठन के दूसरे नेताओं तक पहुंची।

इस दौरान प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे सहित कई नेताओं ने उनसे मुलाकात की। प्रदेश संगठन मंत्री चंद्रशेखर भी उनके साथ मौजूद रहे। खास बात यह रही कि बीएल संतोष के कार्यालय पहुंचने और वहां से रवाना होने के बीच का घटनाक्रम काफी सीमित समय में पूरा हो गया। कई कार्यकर्ताओं को उनके आने की जानकारी मिली, तब तक वे वहां से निकल चुके थे।

अब राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस दौरे को इतना सीमित क्यों रखा गया? क्या पार्टी के भीतर किसी आगामी संगठनात्मक कार्यक्रम को लेकर चर्चा हुई या फिर संघ की बैठक के साथ किसी व्यापक समन्वय की तैयारी चल रही है?

नशामुक्ति अभियान पर संघ का मंथन, बीजेपी की भूमिका पर नजर

संघ की बैठक में समाज से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। इनमें युवाओं के बीच बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और इसके सामाजिक प्रभाव को लेकर चिंता भी शामिल बताई जा रही है। आने वाले समय में नशे के खिलाफ जनजागरण और सामाजिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में अभियान चलाने की चर्चा है।

इस मुद्दे को लेकर बीजेपी के शीर्ष संगठनात्मक नेताओं की मौजूदगी को भी राजनीतिक विश्लेषक अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। सवाल है कि क्या संघ के प्रस्तावित सामाजिक अभियान को बीजेपी संगठन का भी सहयोग मिलेगा? क्या नशे के खिलाफ देशव्यापी स्तर पर कोई साझा जनजागरण कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है? हालांकि, अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है, जिससे संघ और बीजेपी के बीच किसी विशेष अभियान की संयुक्त रणनीति की पुष्टि हो सके।

शशि थरूर की कथित आवाजाही ने जोड़ा नया राजनीतिक कोण

इस पूरे घटनाक्रम में कांग्रेस सांसद शशि थरूर का नाम सामने आने के बाद चर्चाएं और तेज हो गईं। जानकारी के मुताबिक, डेली कॉलेज परिसर में आयोजित कैंसर जागरूकता कार्यक्रम में शामिल होने के बाद थरूर के दोबारा परिसर में प्रवेश करने को लेकर चर्चाएं शुरू हुईं।

बताया जा रहा है कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वे परिसर से बाहर निकले, लेकिन कुछ समय बाद दूसरे गेट से उनकी दोबारा एंट्री हुई। इसी घटनाक्रम के बाद अटकलें लगाई जाने लगीं कि क्या उनकी संघ के किसी वरिष्ठ पदाधिकारी से मुलाकात हुई थी?

हालांकि, इस कथित मुलाकात की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। न ही यह स्पष्ट हो पाया है कि उनकी दोबारा एंट्री का संबंध संघ की बैठक से था या किसी अन्य कार्यक्रम से। इसलिए इस पूरे मामले को फिलहाल चर्चाओं और अटकलों के रूप में ही देखा जा रहा है।

एक ही परिसर में कई घटनाक्रम, सियासी मायने तलाश रहे राजनीतिक गलियारे

डेली कॉलेज में एक तरफ संघ का राष्ट्रीय स्तर का संगठनात्मक मंथन, दूसरी तरफ बीजेपी के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी और तीसरी ओर कांग्रेस सांसद शशि थरूर की कथित आवाजाही ने इंदौर के राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है।

इन घटनाओं ने कई सवाल खड़े किए हैं। क्या संघ और बीजेपी के बीच आने वाले समय के अभियानों को लेकर कोई महत्वपूर्ण बातचीत हुई? बीएल संतोष के दौरे को सीमित रखने के पीछे क्या वजह रही? और क्या शशि थरूर की दोबारा एंट्री का संघ की बैठक से कोई संबंध था?

फिलहाल इन सवालों के जवाब सामने नहीं आए हैं। लेकिन इतना जरूर है कि डेली कॉलेज में हुए इन घटनाक्रमों ने इंदौर को राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में ला दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में इन मुलाकातों और गतिविधियों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने आती है या नहीं।


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Content Editor

Himansh sharma

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