जनता के सेवा के लिए चुना सरपंच निकला पूरा बेइमान, 1 लाख की रिश्वत लेते ACB के बिछाए जाल में फंसा
Thursday, Apr 16, 2026-08:50 PM (IST)
(महासमुंद): जब लोगों के हित और भले के लिए चुने गए जन प्रतिनिधि ही बेइमानी पर उतर आएं तो किससे उम्मीद की जा सकती है। जी हां सरपंच की बेईमानी का संगीन मामला छतीसगढ़ के महासमुंद से सामने आया है जहां उसको रिश्वतखोरी महंगी पड़ी है। जिले की ग्राम पंचायत बेमचा में भ्रष्टाचार का ये संगीन मामला सामने आया है, जहां वर्तमान सरपंच देवेन्द्र चंद्राकर को एन्टी करप्शन ब्यूरो (ACB) रायपुर की टीम ने रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया।शिकायत के आधार पर की गई इस कार्रवाई के बाद हडंकप मच गया।
भूमि पर निर्माण कार्य के लिए एनओसी देने से जुडा है मामला
पूरा मामला आबादी भूमि पर निर्माण कार्य के लिए एनओसी से जुडा है जिसको लेकर रिश्वत की मांग की गई और फिर एक्शन हुआ। जानकारी के मुताबिक, सूरज राम रात्रे महासमुंद का रहने वाला है रात्रे ने एसीबी रायपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी पत्नी के नाम पर ग्राम बेमचा के इंदिरा कॉलोनी क्षेत्र में आबादी भूमि है।
बताया जा रहा है कि पूर्व सरपंच द्वारा इस भूमि पर निर्माण कार्य के लिए एनओसी (NOC) जारी कर दी थी। लेकिन मामले में मोड़ तब आया जब वर्तमान सरपंच देवेन्द्र चंद्राकर ने पूर्व सरपंच की अनुमति निरस्त कर दी और फिर से अनुमति देने की एवज में चार लाख रुपये की घूस की मांग कर डाली। लेकिन शिकायतकर्ता सूरज राम रात्रे ने रिश्वत को लेकर आगे शिकायत कर दी। एसीबी ने मामले का सत्यापन किया और आरोपी के खिलाफ एक्शन कर दिया।
आरोपी सरपंच ने 3.80 लाख रुपये में सौदा तय किया था और 50 हजार रुपये एडवांस भी ले लिया था। इसके बाद ACB के बिछाए जाल के मुताबिक सरपंच देवेन्द्र चंद्राकर शिकायतकर्ता से 1 लाख रुपये की अगली रिश्वत की किश्त रंगे हाथों दबोचा गया।लिहाजा सरपंच को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।

