दतिया उपचुनाव में BJP की बढ़ी टेंशन! सिंधिया की सहमति का इंतजार, नरोत्तम गुट की नाराज़गी बनी बड़ी चुनौती
Sunday, Jul 12, 2026-02:20 PM (IST)
दतिया। मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज़ बनी हुई हैं। इसी बीच सूत्रों के हवाले से बड़ी जानकारी सामने आ रही है कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया फिलहाल दतिया उपचुनाव की जिम्मेदारी संभालने के लिए तुरंत सहमति देने के पक्ष में नहीं हैं। बताया जा रहा है कि इस विषय पर पार्टी स्तर पर लंबा मंथन हुआ है, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार, दतिया उपचुनाव का प्रभारी बनाए जाने को लेकर अंतिम फैसला सिंधिया की सहमति मिलने के बाद ही सार्वजनिक किया जाएगा। फिलहाल वे अपने स्थानीय समर्थकों और भरोसेमंद नेताओं के साथ लगातार चर्चा कर रहे हैं। इसी कारण जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि सिंधिया खेमा दतिया की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों का गंभीरता से आकलन कर रहा है। खासतौर पर पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद भाजपा के एक वर्ग में दिखाई दे रही नाराजगी और संभावित बगावत की आशंका को लेकर रणनीतिक स्तर पर विचार-विमर्श जारी है। माना जा रहा है कि किसी भी निर्णय से पहले स्थानीय समीकरणों और संगठनात्मक स्थिति का पूरा आकलन किया जा रहा है।
गौरतलब है कि भाजपा ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया है। इसके बाद जिले में पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं और नरोत्तम समर्थकों की नाराजगी खुलकर सामने आई। विरोध और असंतोष की खबरों के बीच अब यह चर्चा भी तेज़ है कि पार्टी चुनावी रणनीति को मजबूत करने के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया को बड़ी जिम्मेदारी सौंपने पर विचार कर रही है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
ऐसे में दतिया उपचुनाव में सिंधिया की भूमिका को लेकर सस्पेंस बरकरार है। अब सभी की निगाहें भाजपा नेतृत्व के अगले फैसले पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो सकेगा कि चुनावी कमान आखिर किसके हाथ में सौंपी जाएगी।

