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MP के सीनियर ऑफिसर पर बड़ा आरोप, कहा-CM कुछ नहीं करते, बस बोलते हैं, काम मैं ही करूँगा, हलचल मची तो दी सफाई

Friday, Jun 05, 2026-08:17 PM (IST)

(भोपाल):MP के सीनियर ऑफिसर पर गंभीर आरोप लगे हैं,शिकायत सामने आने के बाद हलचल मच गई है। अधिकारी पर आरोप है कि वो CM और मंत्री को भी कुछ नहीं समझते हैं। दरअसल ये आरोप गौ संवर्धन बोर्ड के उपसंचालक पर लगे हैं और गौशाला से जुड़े निवेशकों ने ही गंभीर आरोप लगाकर मामले को हाई प्रोफाइल बना दिया है। CM और विभागीय मंत्री के बारे में अनर्गल टिप्पणी को लेकर शिकायत की गई है।

निवेशक राजकुमार दीक्षित ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रभारी अधिकारी प्रवीण शिंदें ने समीक्षा बैठक में दुर्व्वहार किया है। मुख्यमंत्री को दी गई शिकायत में जो कहा है गया वो इस प्रकार से है..

गौ संवर्धन बोर्ड, भोपाल में पदस्थ उपसंचालक डॉ. प्रवीण शिंदे द्वारा स्वावलंबी गौशाला योजना के निवेशकों के साथ शासकीय बैठक में अभद्र व्यवहार, धमकी एवं अनुचित आचरण किए जाने संबंधी शिकायत तथा अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने बाबत।

दिनांक 27.06.2026 को वल्लभ भवन, भोपाल स्थित कक्ष क्रमांक ई-205 में पशुपालन विभाग मध्य प्रदेश द्वारा स्वावलंबी गौशाला योजना के क्रियान्वयन के संबंध में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। उक्त बैठक में प्रमुख सचिव पशुपालन विभाग, माननीय पशुपालन मंत्री लखन पटेल, विभागीय अधिकारीगण एवं योजना से संबंधित सफल निवेशक उपस्थित थे।

बैठक में उन निवेशकों ने सहभागिता की थी जिन्होंने स्वावलंबी गौशाला योजना हेतु जारी निविदाओं में भाग लेकर सफलता प्राप्त की है तथा जिन्हें शासन द्वारा एल.ओ. आई. (Letter of Intent) जारी किया जा चुका है। बैठक का उद्देश्य योजना के क्रियान्त्रयत में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों का निराकरण करना था।

बैठक उपरांत प्रमुख सचिव पशुपालन विभाग के निर्देशानुसार गौ संवर्धन बोर्ड मध्य प्रदेश में डॉ. प्रवीण शिंदे की अध्यक्षता में निवेशकों एवं अधिकारियों की एक अन्य बैठक आयोजित की गई, जिसमें योजना के क्रियान्वयन में हो रही अनावश्यक देरी एवं व्यावहारिक समस्याओं के समाधान पर चर्चा की जानी थी।

निवेशकों के साथ अनुचित एवं असंयमित भाषा प्रयोग करने का आरोप

बैठक के दौरान निवेशकों द्वारा यह निवेदन किया गया कि निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने एवं एल.ओ.आई. जारी होने के पश्चात विभागीय स्तर पर अनावश्यक विलंब किया जा रहा है. जिससे योजना का क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है। इस पर डॉ. प्रवीण शिंदे अत्यंत आक्रोशित एवं अभद्र हो गए तथा उन्होंने उपस्थित निवेशकों के समक्ष अत्यंत अनुचित एवं असंयमित भाषा का प्रयोग किया।

मंत्री और प्रमुख सचिव बिना समझ जल्दबाजी करने के निर्देश देते हैं

डॉ. शिंदे द्वारा कथित रूप से कहा गया कि माननीय मंत्री एवं प्रमुख सचिव बिना समझ के जल्दबाजी करने के निर्देश देते हैं तथा योजना का संचालन उनके (डॉ प्रवीण शिंदे) अनुसार ही होगा। साथ ही उन्होंने निवेशकों को यह कहकर धमकाया कि "जिसे जहां शिकायत करना है कर ले", "सरकार का कार्यकाल सीमित है जबकि उन्हें अभी कई वर्षों तक कार्य करना है", तथा यदि निवेशक उनकी शर्तों के अनुसार कार्य नहीं करेंगे तो वे निविदा प्रक्रिया निरस्त करवा देंगे।

उक्त प्रकार की भाषा एवं व्यवहार न केवल शासकीय मर्यादाओं के प्रतिकूल है, बल्कि इससे शासन की महत्वाकांक्षी गौसंवर्धन योजना के प्रति निवेशकों एवं सामाजिक संगठनों का विश्वास भी प्रभावित होता है। हम सभी निवेशक एवं सामाजिक संस्थाएं प्रदेश में गौसंरक्षण, गौसंवर्धन एवं गौसेवा के उद्देश्य से बिना लाभ कमाने की भावना के इस योजना में सहभागी बने हैं, जिससे प्रदेश में गौवंश संरक्षण के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित हो सकें।

डॉ. प्रवीण शिंदे द्वारा शासकीय बैठक में निवेशकों को धमकाने, अपमानित करने एवं परियोजना निरस्त करने की चेतावनी देने जैसी घटनाएं अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं आपत्तिजनक हैं।

प्रवीण शिंदे के खिलाफ कार्रवाई की मांग

इसलिए इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। और  डॉ. प्रवीण शिंदे, उपसंचालक, गौ संवर्धन बोर्ड, भोपाल के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। साथ ही मांग की गई  है कि  उन्हें तत्काल प्रभाव से गौ संवर्धन बोर्ड से हटाकर उनके मूल विभाग में स्थानांतरित किया जाए। स्वावलंबी गौशाला योजना के क्रियान्वयन में हो रही अनावश्यक देरी को दूर कर निवेशकों को आवश्यक प्रशासनिक सहयोग प्रदान किया जाए।

प्रवीण शिंदे ने नकारे सभी आरोप

वहीं अधिकारी शिंदे  ने  इन सभी आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि वो समझौते नहीं करते हैं  इसलिए ऐसे आरोप लग रहे है। 


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Content Editor

Desh Raj

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