सात बेटियों के सिर से उठा मां का साया ! महिला की ब्रेन ट्यूमर ने ली जान, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
Saturday, May 02, 2026-02:24 PM (IST)
CG Desk: खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के वनांचल के सुदूर गांव निजामडीह से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो किसी का भी दिल छू सकती है। बैगा आदिवासी बहुल इस गांव में रहने वाले अमर सिंह के घर इन दिनों संघर्ष, दर्द और जिम्मेदारियों का पहाड़ टूट पड़ा है। करीब तीन महीने पहले अमर सिंह की पत्नी की ब्रेन ट्यूमर के कारण मौत हो गई। मां के जाने के बाद पीछे छूट गईं सात मासूम बेटियां, जिनकी उम्र 8 महीने से 12 साल के बीच है। जिस घर में कभी मां की ममता और बच्चों की खिलखिलाहट गूंजती थी, वहां अब खामोशी और इंतजार दिखाई देता है।
परिवार का सहारा बने अमर सिंह मजदूरी कर बेटियों का पेट पालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन काम पर जाने के दौरान सातों बच्चियां घर में अकेली रह जाती हैं। गांव वालों के मुताबिक मां के जाने के बाद बच्चियों की हालत पहले जैसी नहीं रही, चेहरों की मुस्कान भी कहीं खो गई है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि समूह की महिलाएं समय-समय पर पहुंचकर बच्चियों की देखरेख कर रही हैं। वहीं जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल ने बताया कि योजना के तहत समूह की महिलाओं को बच्चों की देखरेख में लगाया गया है और जिला प्रशासन हर संभव मदद के लिए तैयार है। अब सवाल सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि समाज और व्यवस्था की संवेदनशीलता का है क्या इन सात बेटियों की जिंदगी में फिर से उम्मीद की रोशनी लौटेगी।

