पत्नी के अवैध संबंधों ने ले ली पूर्व MLA के बेटे की जान! घरवालों ने बताई सनसनीखेज सच्चाई
Monday, Apr 27, 2026-07:36 PM (IST)
डेस्क: वफा की उम्मीद में बेवफाई मिली तो एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार का 45 वर्षीय बेटा इतना टूट गया कि उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। तनाव के चलते रस्सी बनाकर फंदे से झूल गया। ये दर्दभरी कहानी है छत्तीसगढ़ के हाईप्रोफाइल सुसाइड केस की। जिसकी प्रदेश भर में चर्चा हो रही है।
दरअसल, पूर्व विधायक धनीराम साहू जो मंत्री भी रह चुके हैं उनके बेटे ने जयेंद्र साहू का शव बीती रात उसके कमरे में लटका मिला। सूचना पर पंडरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए रवाना किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जयेंद्र साहू ने मोवा स्थित आदर्श नगर इलाके में अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या की है। घटनास्थल पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पारिवारिक सदस्यों के मुताबिक, बीते दिनों उनकी पत्नी किरण से भी विवाद हुआ था। आशंका है कि इसी तनाव के चलते उसने ये खौफनाक कदम उठाया। पुलिस के मुताबिक, घटना के समय उनकी पत्नी घर पर मौजूद नहीं थी।
मृतक जय साहू के भाई और परिजनों ने कहा है कि, जय की पत्नी के अवैध संबंध थे। वह जय के साथ लिव इन में पत्नी बनकर तो रहती थी लेकिन आए दिन उसके गैर मर्दों से नजदिकियों की खबर से दोनों में खूब झगड़ा होता था। वहीं दूसरी तरफ जय साहू का उसकी पहली पत्नी से तलाक की प्रक्रिया चल रही है। फ़िलहाल पुलिस की टीम परिजनों के साथ-साथ जय के साथ पत्नी बनकर रह रही महिला समेत आस-पास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है।
हालांकि दूसरी ओर पत्नी का आरोप है कि हम दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। वो मारपीट भी करते थे। वहीं अपनी शादी की पहली बात भी मुझसे छिपाई गई। जब मैं साथ में रहने लगी तो बाद में पता चला। मेरे से लिव इन रिलेशन के दस्तावेजों पर जबरन साइन करवाए। वो मानसिक तौर पर परेशान रहते थे। ट्रेडिंग को लेकर मेरे और उनके बीच अक्सर विवाद होते रहता था। मेरे ससुर ने मेरे पर घर से भागने का आरोप लगाया है, जो कि पूरी तरह से बेबुनियाद है।
जानकारी के अनुसार, धनीराम साहू वर्ष 1977 में कसडोल विधानसभा से विधायक चुने गए थे। वे अविभाजित मध्य प्रदेश में मंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने जनता पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ा था। क्षेत्र में उनका खासा राजनीतिक प्रभाव रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

