बिजासन माता के दर्शन से बदली सोच! शेख अनीस ने अपनाया सनातन धर्म, नया नाम रखा ‘गणेश’
Wednesday, Sep 16, 2026-03:45 PM (IST)
खंडवा। गणेशोत्सव के बीच खंडवा से आस्था और धार्मिक परिवर्तन से जुड़ा एक मामला सामने आया है। बड़वानी जिले के सेंधवा निवासी शेख अनीस ने महादेवगढ़ मंदिर परिसर में हिंदू धार्मिक परंपराओं के अनुसार विधि-विधान से सनातन धर्म अपनाने की घोषणा की। इसके बाद उन्होंने अपना नया नाम ‘गणेश’ रखा और मंदिर में पूजा-अर्चना व आरती में शामिल हुए। बताया गया कि धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया के दौरान वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया गया। अनीस ने धार्मिक विधि के तहत दसविधि स्नान किया और हवन में आहुति देकर सनातन धर्म अपनाने का संकल्प लिया। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में पूजा की और महादेवगढ़ सरकार के जयकारे लगाए।
बिजासन माता मंदिर से शुरू हुआ धार्मिक जुड़ाव
अपने फैसले के बारे में गणेश ने बताया कि वह रेत के कारोबार से जुड़े हुए हैं और व्यावसायिक काम के चलते सेंधवा स्थित प्रसिद्ध बिजासन माता मंदिर अक्सर जाते रहे हैं। उनका कहना है कि मंदिर का धार्मिक वातावरण और वहां होने वाली पूजा-पद्धति से वह प्रभावित हुए।
समय के साथ उनकी रुचि सनातन परंपराओं की ओर बढ़ती गई। इसी धार्मिक जुड़ाव के बाद उन्होंने अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाने का फैसला किया। महादेवगढ़ मंदिर में आयोजित धार्मिक प्रक्रिया के दौरान हवन, मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच उन्होंने अपने नए नाम के साथ नई धार्मिक पहचान स्वीकार की।
महादेवगढ़ मंदिर में पहले भी हो चुके हैं ऐसे मामले
महादेवगढ़ मंदिर इससे पहले भी धर्म परिवर्तन और विवाह से जुड़े मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों के मुताबिक, यहां इससे पहले भी कुछ लोगों ने वैदिक परंपराओं के अनुसार सनातन धर्म अपनाया है।
मंदिर के संरक्षक अशोक पालीवाल के अनुसार, जून में हरदा निवासी बिलाल ने सनातन धर्म अपनाकर ‘विशाल’ नाम रखा था। वहीं फरवरी में एक किन्नर ने भी वैदिक रीति-रिवाजों के साथ सनातन धर्म स्वीकार करते हुए अपना नाम ‘सीता’ रखा था।
पालीवाल के मुताबिक, अब तक मंदिर परिसर में 16 युवकों और एक किन्नर द्वारा सनातन धर्म अपनाए जाने की जानकारी है। इसके अलावा मंदिर में 90 से अधिक युवतियों के विवाह भी संपन्न हो चुके हैं। गणेशोत्सव के अवसर पर सामने आया शेख अनीस का यह मामला फिलहाल क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने सनातन धर्म के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।

