जेल पहुंचते ही आदिवासी महिलाओं की जमीन हड़पने वाले कांग्रेस नेता की बिगड़ी तबीयत, ले जाना पड़ा अस्पताल

Saturday, Jan 17, 2026-07:11 PM (IST)

पन्ना : मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में पुलिस ने अनुसूचित जनजाति की महिला की पैतृक जमीन को छल-कपट, धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से हड़पने वाले कांग्रेस नेता की जेल में पहुंचते ही तबीयत बिगड़ गई। अचानक उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया। नेताजी की तबीयत बिगड़ते ही जेल में अफरा तफरी का माहौल बन गया। आनन फानन में उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महामंत्री श्रीकांत उर्फ पप्पू दीक्षित आदिवासी की जेल पहुंचते ही अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां चेकअप के बाद डॉक्टरों ने बताया कि आरोपी का ब्लड प्रेशर अत्यधिक बढ़ा हुआ है। अगली सुबह दोबारा जांच में उनका ब्लड प्रेशर नॉर्मल आया।  हालांकि आरोपी लगातार घबराहट की शिकायत करता रहा। उसका इलाज चिकित्सकों की निगरानी में जारी है।

ये है पूरा मामला

मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में पुलिस ने अनुसूचित जनजाति की महिला की पैतृक भूमि को छल-कपट, धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से हड़पने के गंभीर प्रकरण का खुलासा किया है। इस मामले में कांग्रेस नेता श्रीकांत दीक्षित को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। वहीं अन्य दो आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

पन्ना पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार फरियादिया संतोषरानी (50 वर्ष), निवासी ग्राम ताखौरी थाना रैपुरा ने थाना कोतवाली पन्ना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके पिता स्वर्गीय जगोला गौड का निधन उनके बचपन में हो गया था तथा उनकी माता मल्लनबाई नेत्रहीन हैं। ग्राम मन्नौर स्थित खसरा नंबर 148/4 रकबा 2.00 हेक्टेयर भूमि पिता के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है, जिसकी वैध उत्तराधिकारी केवल फरियादिया और उनकी बड़ी बहन कुसुमरानी हैं। फरियादिया के अनुसार अनुपम त्रिपाठी एवं श्रीकांत दीक्षित, निवासी पन्ना द्वारा उनकी जानकारी और सहमति के बिना राजाराम आदिवासी को मृत खातेदार का फर्जी पुत्र दर्शाते हुए कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर नामांतरण करा लिया गया। इसके बाद उक्त भूमि को छलपूर्वक रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के माध्यम से अपने नाम दर्ज करवा लिया गया। इस संबंध में वर्ष 2022 में कलेक्टर कार्यालय पन्ना में भी शिकायत की गई थी। शिकायत के आधार पर थाना कोतवाली पन्ना में अपराध क्रमांक 824/25 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471, 419, 409 एवं 34 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। जांच में सामने आया कि कूटरचित नामांतरण प्रक्रिया में मृत खातेदार और उसकी पत्नी को झूठे रूप में मृत दर्शाया गया। बिना मृत्यु प्रमाण पत्र, बिना वैध सिजरा-खानदान और वास्तविक वारिसों को सूचना दिए बिना नामांतरण आदेश पारित कराया गया। इसी आधार पर भूमि विक्रय की अनुमति लेकर जमीन का सौदा किया गया तथा कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग शासकीय और बैंकिंग प्रक्रियाओं में भी किया गया।

विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण में भारतीय दंड संहिता की धारा 467, 468, 471 और 419 का इजाफा किया गया। पुलिस अधीक्षक पन्ना निवेदिता नायडू के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन कर त्वरित कारर्वाई की गई। गठित टीम द्वारा आरोपी श्रीकांत उफर् पप्पू दीक्षित को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।


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meena

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