2028 में भी कांग्रेस को सत्ता से दूर ही रखना चाहती है BJP, ढाई साल पहले ही इस जबरदस्त काम में जुटी भगवा पार्टी
Monday, May 25, 2026-11:16 PM (IST)
(भोपाल): MP में भारतीय जनता पार्टी ढाई साल पहले ही चुनावी तैयारी में जुट गई है। आमतौर पर राजनीतिक दल चुनाव से कुछ महीने पहले संगठनात्मक गतिविधियां तेज करते हैं, लेकिन भाजपा ने इस बार 2028 विधानसभा चुनाव के लिए लगभग तीन साल पहले ही मोर्चाबंदी शुरू कर दी है। पार्टी ने निगम-मंडलों में नियुक्त नेताओं को बूथ प्रबंधन, कार्यकर्ता समन्वय, जनसंपर्क अभियान और स्थानीय मुद्दों पर पकड़ मजबूत करने का लक्ष्य दिया है।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि यदि कोई नेता लंबे समय तक किसी क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहता है तो वहां संगठन को स्थायी मजबूती मिलती है। यही वजह है कि पार्टी ने इन पदाधिकारियों को केवल औपचारिक जिम्मेदारी न देकर सीधे जमीनी राजनीति में उतारने की तैयारी की है। संगठन चाहता है कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में बूथ स्तर तक सक्रिय नेटवर्क तैयार हो, ताकि चुनाव के समय अलग से तैयारी करने की जरूरत न पड़े।
नगरीय निकाय चुनाव सत्ता का सेमीफाइनल
भाजपा की रणनीति विधानसभा चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि पार्टी ने आने वाले नगरीय निकाय चुनावों को लेकर भी कमर कस ली है। इन चुनावों को बीजेपी विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल मानकर चल रही है। संगठन ने अभी से नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद स्तर पर चुनावी तैयारी शुरू कर दी है।
इस दिशा में काम करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मोर्चा प्रभारियों और संभाग प्रभारियों की बैठक लेकर नगरीय निकाय चुनावों की रणनीति पर चर्चा की है । बैठक में संगठन के सभी प्रमुख पदाधिकारियों को शहरी क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ाने और कमजोर वार्डों की पहचान कर वहां विशेष फोकस करने के निर्देश दिए गए। वहीं सूत्र बताते हैं कि भाजपा का लक्ष्य इस बार केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि शहरी वोट बैंक को स्थायी रूप से मजबूत करना है।
पार्टी, युवा मतदाताओं तक पहुंच, बूथ स्तर की सक्रियता और नए चेहरों को आगे लाने की रणनीति पर काम कर रही है। आगामी नगरीय निकाय चुनाव में बड़ी संख्या में युवा और तकनीकी रूप से सक्रिय चेहरों को मौका दिया जा सकता है। भाजपा का मानना है कि तेजी से बदलते शहरी राजनीतिक माहौल में युवा मतदाता ऐसे उम्मीदवार चाहते हैं ।
संगठनात्मक बैठकों का शुरु हो चुका है दौर
वहीं भाजपा ने चुनाव से काफी पहले ही संगठनात्मक बैठकों और जिलावार समीक्षाओं का दौर शुरू कर दिया है। प्रदेश पदाधिकारी लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं और स्थानीय स्तर पर जातीय समीकरण, वार्डवार राजनीतिक स्थिति, पिछले चुनावों के आंकड़े और क्षेत्रीय मुद्दों का फीडबैक लिया जा रहा है। भाजपा की कोशिश है कि हर वार्ड और बूथ स्तर पर ऐसा सक्रिय ढांचा तैयार हो जो चुनाव के समय मतदाताओं तक सीधे पहुंच बना सके। तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि भाजपा ने ढाई साल पहले ही चुनावी तैयारी शुरु कर दी है।

