कांग्रेस पार्षद पर FIR पर बवाल, शहर अध्यक्ष बोले- गरीबों की आवाज उठाने पर दर्ज हुआ मामला, कमिश्नर ने दबाव में की कार्रवाई
Monday, Oct 26, 2026-05:49 PM (IST)
इंदौर (सचिन बहरानी) : इंदौर के भंवरकुआं थाना क्षेत्र में नेमावर रोड स्थित पालदा नाके पर अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की रिमूवल टीम के साथ विरोध और हंगामे का मामला सामने आया है। ट्रैफिक जाम की समस्या दूर करने पहुंचे अधिकारियों को धमकाने और शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने स्थानीय पार्षद और कुछ ठेला संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। कांग्रेस पार्षद पर FIR और गाड़ी पार्किंग शुल्क के फरमान को लेकर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और पार्षद कुणाल सोलंकी ने प्रेस वार्ता कर नगर निगम पर निशाना साधा है।
इन्दौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि महापौर ने निगम को बद से बदतर बनाने का संकल्प ले रखा है। सड़क, जलभराव, गंदा पानी, भ्रष्टाचार हर मोर्चे पर निगम फेल है। हॉकर्स जोन के नाम पर गरीबों को हटाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि 24 तारीख की रात अंदर की गलियों में ठेले पर सब्जी बेच रहे गरीबों के ठेले जबरन जब्त किए गए। हमारे पार्षद कुणाल सोलंकी ने आवाज उठाई तो उन पर ही FIR कर दी गई। दो दिन बाद FIR होना बताता है कि बीजेपी नेताओं के दबाव में कमिश्नर ने कठपुतली बनकर कार्रवाई की। कांग्रेस DCP से जांच की मांग करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम की पीली गैंग वसूली में लिप्त है। ठेले वालों से पैसे मांगे जाते हैं।
इन्दौर पार्षद कुणाल सोलंकी ने बताया कि दीपावली के समय ठेले वालों का सामान फेंककर ठेले जब्त किए गए। रोकने पर कर्मचारी मोहित दुबे और जयेश वर्धन ने मुझ पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। गरीब 1000 रुपये भी नहीं कमाता और निगम 5000 का चालान वसूलता है। मैंने FIR के लिए आवेदन दिया लेकिन मेरी FIR नहीं लिखी गई, उल्टा मुझ पर ही केस दर्ज कर दिया गया।

