ग्रामीणों ने अपने दम पर पकड़े अवैध खनन करते डंपर, प्रशासन ने बिना कार्रवाई छोड़ दिए, कलेक्ट्रेट पहुंचे गुस्साए ग्रामीण
Thursday, Feb 12, 2026-05:42 PM (IST)
रतलाम (समीर खान): रतलाम जिले में प्रशासन पर गंभीर आरोप लगे हैं। खनन माफिया को शह देने का आरोप सामने आ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अवैध खनन में लिप्त जब्त किये डंपर को बिना कोई जुर्माना लगाए छोड़ दिया गया है। गांववालों का आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते पहले फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया था। ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग को लेकर एसपी के नाम ज्ञापन दिया है।
ग्रामीणों ने मौके पर खनन करते पकड़े थे दो डंपर

जानकारी के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र लुनेरा में 9 फरवरी को हनुमान मंदिर के पास अवैध खनन की जानकारी मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए थे और उन्होंने दो डंपर जप्त करते हुए मौके पर खनिज विभाग के अधिकारियों को बुलाया था। खनिज विभाग ने ग्रामीणों के सामने कार्रवाई तो की मगर कुछ घंटे बाद दोनों डंपर छोड़ दिए। वही पुलिस पर दबाव में आकर विरोध करने वालों पर फर्जी मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाया।
प्रशासन, खनिज विभाग और ठेकेदार बलवीर सिंह राठौर से मिलीभगत के आरोप
इस घटना को लेकर आज लुनेरा के ग्रामीण एसपी और कलेक्ट्रेट में घेराव कर अपना विरोध दर्ज कराया। और प्रशासन पर अपनी नाराज़गी जताते हुए अवैध खनन करने वाले को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर और एसपी के नाम ज्ञापन दिया। कलेक्ट्रेट में धरना देते हुए प्रशासन व खनिज विभाग पर ठेकेदार बलवीर सिंह राठौर से मिली भगत के आरोप लगाएं। ग्रामीणों का कहना था जब खनिज विभाग द्वारा ठेकेदार को दी जमीन का विधिवत सीमाकंन खनन परमिशन दी गई है तो बताया जाए कि सीमांकन कहा तक है। ठेकेदार बलवीर सिंह मनमर्जी से कहीं भी खनन कर रहा है और मंदिर के पास भी अवैध खोद रहा है।
जिम्मेदार अपने दायित्व से झाड़ रहे पल्ला
इस मामले में खनिज इंस्पेक्टर देवेंद्र चिड़ार को भी बुलाया था और उन्होंने पंचनामा बनाते हुए डंपर जब्त कर बिलपांक थाने भेजे थे, लेकिन खनिज अधिकारी रीना पाठक द्वारा दबाव में आकर दोनों डंपरों को छोड़ दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया पुलिस ने राजनीतिक दबाव में आकर अवैध खनन का विरोध करने वालों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है । ग्रामीणों ने कहा कि ना तो सही सीमांकन हुआ ना कार्यवाही के बाद खनन रुका है।
जब इस मामले में खनिज जिला अधिकारी रीना पाठक से चर्चा करनी चाहिए तो उन्होंने शासकीय रोड़ निर्माण व pwd विभाग का मामला होने का बात कहकर अपना पल्ला ही झाड़ लिया जबकि मामला सीमांकन और अवैध खनन के साथ रायल्टी से जुड़ा है। लिहाजा ग्रामीणों में प्रशासन और खनिज विभाग के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। मामले में कलेक्टर मिशा सिंह से मिलना चाहा तो उनके बैठक में होने की बात कही गई। लिहाजा ग्रामीणों में जब्त किये डंपरों को बिना जुर्माना छोड़ देने को लेकर खासा गुस्सा है।

