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क्या बच पाएगी राजेंद्र भारती की विधायकी, क्यों 15 अप्रैल पर टिकी सबकी निगाहें? जानें हाईकोर्ट ने क्या...

Tuesday, Apr 07, 2026-03:18 PM (IST)

दिल्ली/भोपाल : मध्यप्रदेश के अयोग्य ठहराए गए कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती ने धोखाधड़ी के मामले में अपनी दोषसिद्धि और तीन साल के कारावास की सजा के खिलाफ मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया। भारती को 1998 और 2011 के बीच अवैध ब्याज भुगतान प्राप्त करने के लिए बैंक रिकॉर्ड में जालसाजी से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में दोषी ठहराया गया था। न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ भारती की अपील पर अभियोजन पक्ष को नोटिस जारी किया और इसे 15 अप्रैल को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। दो अप्रैल को एक अदालत ने जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र भारती को तीन साल कैद की सजा सुनाई थी।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, भारती की दिवंगत मां सावित्री ने 24 अगस्त 1998 को जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक, दतिया में परिवार के ट्रस्ट के नाम पर 10 लाख रुपये तीन साल की सावधि जमा के रूप में जमा किए थे, जिस पर हर साल 13.5 प्रतिशत का ब्याज मिलना था। अभियोजन ने बताया था कि आरोपियों ने उच्च दर वाले ब्याज के भुगतान को निर्धारित अवधि से आगे बढ़ाने की साजिश रची और बैंक रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की। अभियोजन पक्ष के अनुसार, उन्होंने गलत तरीकों का इस्तेमाल करके सावधि जमा की तीन साल की अवधि को पहले 10 और फिर 15 साल तक बढ़ा दिया, जिससे ट्रस्ट 2011 तक वार्षिक ब्याज निकालता रहा, जबकि उस समय ब्याज दरें काफी गिर चुकी थीं। अभियोजन पक्ष ने बताया था कि भारती, ट्रस्ट के न्यासी थे। उन्होंने लगभग 18.5 लाख रुपये अवैध रूप से ब्याज के रूप में निकाले।


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Content Writer

meena

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