BJP लेगी 2023 की हार का बदला या कांग्रेस दोहराएगी फिर इतिहास, बस कुछ घंटे बाकी,नतीजा लिखेगा नई इबारत
Sunday, Aug 02, 2026-10:24 PM (IST)
(दतिया):दतिया उपचुनाव के नतीजे आने में कुछ ही घंटे बाकी रह गए हैं। 3 अगस्त को पता चल जाएगा कि दतिया का दंगल में कौन बाजी मारेगा। इसी बीच कांग्रेस और भाजपा की ओर से अपनी-अपनी जीत के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन आपको बता दें कि दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव सिर्फ एक नतीजा नहीं होगा बल्कि दोनों पार्टियो को लिए एक सीख और राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल होगा। लोग जानने के लिए उत्सुक हैं कि क्या कांग्रेस 2023 को दोहराएगी या भाजपा नरोत्तम मिश्रा की हार का बदला पूरा करेगी।
पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा यह सीट हार गई थी, लेकिन उपचुनाव में भाजपा को यह सीट फिर से इसी सीट को अपने नाम करने का मौका मिला और नरोत्तम की हार का बदला लेने का भी। इस उपचुनाव में दोनों पार्टियों ने चुनाव-प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ी। बीजेपी की ओर से काफी दिग्गज मैदान में उतरे। सीएम से लेकर केंद्रीय मंत्री तक ने मोर्चा संभाला और जीत सुनश्चित करने के लिए जोर लगाया।
उपचुनाव का ऐलान होने के बाद सीएम ने खुद भाजपा के लिए पूरा दम यहां पर झोंका। नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद सबको मनाया भी और पार्टी के पक्ष में हवा भी बनाने की कोशिश की। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी जहां मोर्चा संभाला वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी दिन रात एक किया । वहीं इस उपचुनाव के प्रचार में कांग्रेस की ओर से भी सारे दिग्गजों ने मोर्चा संभाला था। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, उमंग सिंघार से लेकर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने भी ताकत दिखाई
2023 का बदला लेने का मौका
भाजपा की ये मजबूत सीट साल 2023 में भाजपा ने खो दी थी। लेकिन फिर तत्कालीन विधायक राजेंद्र भारती को एक केस में सजा सुनाई गई और दतिया सीट एक बार फिर बीजेपी के लिए ओपन हो गई। बीजेपी के पास 2023 की हार का बदला लेने का मौका था। लिहाजा कांग्रेस के सामने अपनी जीती हुई सीट बचाने की चुनौती है। फिलहाल कुछ ही घंटों में पता चल जाएगा कि कांग्रेस ने मोर्चा मारा है या बीजेपी ने 2023 में खोई सीट फिर से वापस पाई है।
हालांकि इस सीट पर कुल 21 उम्मीदवार मैदान में है लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच ही माना जा रहा है। आजाद समाज पार्टी के दामोदर सिंह यादव भी मैदान में हैं जो मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने का दावा कर रहे है।

