MP में आउटसोर्स और प्राइवेट कंपनियों पर भी लागू होगा 27% OBC आरक्षण, कांग्रेस से मुद्दा छीनने की की कोशिश में सरकार!

Friday, Aug 29, 2025-01:08 PM (IST)

भोपाल: मध्यप्रदेश में OBC को 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि प्रदेश के विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही आउटसोर्स भर्तियों में भी आरक्षण लागू होगा। यही नहीं, निजी कंपनियों को भी आरक्षण रोस्टर का पालन करना होगा। बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ‘सभी दलों ने एकजुट होकर विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका के माध्यम से 27% ओबीसी आरक्षण लागू करने पर सहमति दी है’

सरकार का कांग्रेस से मुद्दा छीनने का प्रयास!  
कांग्रेस लंबे समय से 27% ओबीसी आरक्षण को राजनीतिक मुद्दा बनाए हुए थी और सरकार को घेर रही थी। बैठक के जरिए भाजपा ने कांग्रेस से यह मुद्दा छीनने और आरक्षण का श्रेय खुद लेने का प्रयास किया।

बिहार चुनाव को साधने की रणनीति
सूत्रों के मुताबिक भाजपा इस निर्णय के जरिए बिहार और झारखंड जैसे चुनावी राज्यों में ओबीसी वर्ग को साधने की कोशिश कर रही है। आशंका थी कि यह मुद्दा चुनाव में कांग्रेस और विपक्षी दल उठा सकते हैं।

कांग्रेस का पलटवार
कांग्रेस ने बैठक में मांग की कि आरक्षण की कानूनी अड़चनों का जल्द समाधान किया जाए ताकि छात्रों और युवाओं को उनका संवैधानिक अधिकार मिल सके। कांग्रेस ने यह भी कहा कि पिछले छह साल तक ओबीसी आरक्षण रोकने वालों के खिलाफ ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। बैठक में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

ओबीसी आरक्षण पर कब क्या हुआ?
मार्च 2019: सरकार ने अध्यादेश लाकर ओबीसी आरक्षण 14% से बढ़ाकर 27% किया।
अगस्त 2019: विधानसभा में विधेयक पारित कर कानून लागू।
2019 से अब तक: सुप्रीम कोर्ट में 40 से अधिक याचिकाएं लंबित, जिनमें अंतरिम आदेश द्वारा 14% से अधिक आरक्षण पर रोक।
जुलाई 2025: प्रदेश सरकार ने पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के नए अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की।
22 सितंबर 2025: सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे पर अंतिम सुनवाई निर्धारित।


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Content Writer

Vikas Tiwari

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