जिन कंधों पर गणगौर माता का रथ होना था, उन पर उठी 8 अर्थियां...हादसे ने किसी के पिता तो किसी की मांग का छीना सिंदूर
Friday, Apr 04, 2025-12:56 PM (IST)

खंडवा (मुश्ताक मंसूरी) : खंडवा के कोंडावत गांव में इस वक्त मातम है। कल रात से घरों में चूल्हे नहीं जले हैं। हर किसी की आंखों में आंसू है। हादसे का शिकार हुए सभी लोग गांव के चहेते थे। हर त्यौहार में आगे बढ़ कर काम करते और हर किसी की मदद किया करते थे। गणगौर पर भी इन लोगों ने हर बार की तरह इस बार भी कुएं की सफाई का बीड़ा उठाया था। लेकिन इस बार कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। कुएं की सफाई करने उतरे दो लोग जब वापस नहीं आए तो उन्हें बचाने एक के बाद एक 8 लोग इस मौत के कुएं में समा गए। आज की सुबह पूरे गांव के लिए अपने साथ मातम लेकर लिए जिन सरों पर माता के रथ होने थे आज उन्ही कंधों पर यह आठ अर्थियां देख आंसू भर आए हैं।
बेटी ने दी पिता को मुखाग्नि
मुक्ति धाम पर सबकी सांसे उस समय थम गई जब एक बेटी ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। दरअसल घटना में मृतक वासुदेव पटेल की 6 पुत्रियां है। उनका कोई पुत्र नहीं था। इसलिए उनकी 15 वर्षीय बड़ी पुत्री ने मुखाग्नि दी। यह दृश्य देखकर सारे लोगों की आंखों से आंसू टपक पड़े।
50 लाख मुआवजा मिले
परिजन बोले मृतकों का पूरा परिवार इनपर ही निर्भर था। मुख्यमंत्री ने चार-चार लाख की घोषणा की। वह पर्याप्त नहीं है। मृतकों के परिवार को 50- 50 लाख मुआवजा मिले जिससे उनके जीवन यापन में आसानी होगी।
विधायक पहुंची अंतिम संस्कार में
घटना के बाद शुक्रवार क्षेत्रीय विधायक छाया मोरे मृतकों के परिजनों के बीच पहुंची और शोकाकुल परिवार के लोगों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। उसके बाद ग्रामीणों से कहा हमारी सरकार दुःख की इस घड़ी में परिजनों के साथ है। मुख्यमंत्री से बात कर हर संभव मदद दिलवाई जाएगी।