दतिया नतीजे: आशुतोष तिवारी ने हाथ जोड़कर स्वीकार की अपनी हार, बोले- जनादेश मंजूर हैं
Monday, Aug 03, 2026-05:04 PM (IST)
दतिया: मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव की मतगणना की मतगणना जारी है। हालांकि काउंटिंग के अभी दो राउंड बाकी है, लेकिन इससे पहले ही भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने अपनी हार स्वीकार कर ली है। वे मतगणना स्थल पर पहुंचे और मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए कहा यह जनादेश है और जनता के आदेश को हाथ जोड़कर स्वीकार करता हूं। आशुतोष तिवारी ने कहा हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी।
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 की बात करें तो शुरुआती राउंड में भाजपा प्रत्याशी को अच्छी बढ़त मिली, लेकिन तीसरे राउंड के बाद कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने बढ़त बनाई जो आखिरी के 15वें राउंड तक बरकरार रही। दतिया विधानसभा सीट पर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों में जोरदार टक्कर थी। दोनों ही उम्मीदवार अपनी अपनी जीत का दावा कर रहे थे।
मध्य प्रदेश के पिछले कुछ सालों के आंकड़ों पर नजर डाले तो उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा कांग्रेस को मात दी है। करीब 6 सालों में उपचुनावों में बीजेपी ने 60 प्रतिशत से ज्यादा सीटों पर सफलता हासिल की।
वर्तमान बीजेपी में कुल 164 विधायक हैं। जबकि कांग्रेस के 64 विधायक हैं। भारत आदिवासी पार्टी का भी एक विधायक है। भाजपा को उम्मीद थी कि दतिया उपचुनाव के परिणाम आने के बाद बीजेपी की एक सीट बढ़ जाएगी। वहीं, वर्ष 2024 में मध्य प्रदेश की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में बीजेपी ने दो सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी बढ़त बनाए रखी, जबकि एक सीट पर उसे हार का सामना करना पड़ा। अमरवाड़ा और बुधनी विधानसभा सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की, जबकि विजयपुर विधानसभा सीट कांग्रेस के खाते में गई।
वर्ष 2019 से 2024 तक के छह वर्षों में मध्यप्रदेश की राजनीति में उपचुनावों पर भाजपा का दबदबा साफ नजर आया। इस दौरान प्रदेश में 36 विधानसभा और एक लोकसभा सीट सहित कुल 37 सीटों पर उपचुनाव हुए। इनमें भाजपा ने 23 विधानसभा सीटों के साथ एकमात्र लोकसभा सीट भी जीतकर कुल 24 सीटों पर कब्जा जमाया, जबकि कांग्रेस के हिस्से में सिर्फ 13 विधानसभा सीटें आईं। इस तरह उपचुनावों में भाजपा का सफलता प्रतिशत करीब 64 फीसदी रहा और अधिकांश मुकाबलों में सत्ताधारी दल ने अपनी बढ़त बरकरार रखी।

