कभी भाजपा से निष्कासित हुए थे महेश केवट, अब बने राज्यसभा उम्मीदवार
Monday, Jun 08, 2026-01:53 PM (IST)
भोपाल : मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए भाजपा ने महेश केवट को उम्मीदवार बनाकर चुनावी मुकाबले को रोचक बना दिया है। बुंदेलखंड के निवाड़ी जिले से आने वाले महेश केवट केवट समाज से हैं और लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। वह सोमवार को अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
महेश केवट का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। नगरीय निकाय चुनाव के दौरान उन पर भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ प्रचार करने के आरोप लगे थे। इसके बाद पार्टी ने अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। हालांकि बाद में उन्होंने संगठन के साथ सक्रिय रूप से काम किया और दोबारा नेतृत्व का विश्वास जीतने में सफल रहे।
संघ की पृष्ठभूमि से जुड़े महेश केवट को इसी साल 24 अप्रैल को मध्य प्रदेश मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया था। अब राज्यसभा का उम्मीदवार घोषित किए जाने को उनके राजनीतिक कद में बड़ी बढ़ोतरी माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया है। केवट समाज में उनकी मजबूत पकड़ और बुंदेलखंड क्षेत्र में उनकी सक्रियता को उम्मीदवार बनाए जाने की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक तीसरे उम्मीदवार के चयन को लेकर भाजपा के शीर्ष नेताओं के बीच शनिवार और रविवार को कई दौर की चर्चा हुई। इस दौरान अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की अति पिछड़ी जातियों से उम्मीदवार उतारने के विकल्पों पर भी विचार किया गया। शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी के बाद महेश केवट के नाम पर अंतिम सहमति बनी।
राज्यसभा चुनाव में महेश केवट का मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन से होगा। भाजपा द्वारा अंतिम समय में उनके नाम की घोषणा ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और तीसरी सीट का चुनाव अब और अधिक चर्चा का विषय बन गया है।

