आश्रम में रेप के बाद महिला हुई प्रेग्नेंट! FIR के बाद महामंडलेश्वर पर हुआ बड़ा एक्शन
Tuesday, Aug 04, 2026-07:49 PM (IST)
उज्जैन : मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल थाना पुलिस द्वारा दुष्कर्म का मामला दर्ज किए जाने के बाद स्थानीय अखाड़ा परिषद ने निर्मोही अखाड़े के महामंडलेश्वर ज्ञान दास के खिलाफ कड़ी कारर्वाई करते हुए उनका साधु समाज से बहिष्कार कर दिया है। स्थानीय अखाड़ा परिषद ने निर्णय लिया है कि ज्ञान दास को उज्जैन स्थित सभी आश्रमों, मठों और अखाड़ों के भंडारों में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। साथ ही उन्हें महामंडलेश्वर पद से हटाने की अनुशंसा करते हुए निर्मोही अखाड़े के अध्यक्ष को पत्र भेजा गया है।

दरअसल, उज्जैन के महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज पर आश्रम में रहने वाली महिला ने रेप और ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए थे। आरोपों को लेकर बाबा और महिला के बीच कथित वॉट्सएप चैट, लाठी से पिटाई का वीडियो और मैरिज सर्टिफिकेट की तस्वीरें सामने आई थी। वॉट्सएप चैट में महिला ने लिखा- डॉक्टर ने 10 दिन बाद दिखाने को कहा था। मैं प्रेग्नेंट हूं, आप मुझे डॉक्टर के पास कब लेकर चलेंगे? आपने जो किया, उसका पाप मैं पाल रही हूं। इसके जवाब में बाबा ज्ञानदास ने लिखा- यह तो खुशखबर है। प्रेग्नेंट होने की बात 1001% झूठी है, लेकिन 1% सही है तो महाकाल का धन्यवाद दे कि बुढ़ापे के सहारे की चिंता खत्म हो गई। डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं है। महिला की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरु की है। इधर महामंडलेश्वर आश्रम में ताला जड़कर कहीं फरार हो गए।

ताजा मामले में स्थानीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत डॉ. रामेश्वर दास महाराज और महामंत्री महंत रामेश्वर गिरी महाराज द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, ज्ञान दास के विरुद्ध एक महिला के साथ दुष्कर्म का प्रकरण दर्ज होने के बाद परिषद के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से इसे साधु समाज की गरिमा के प्रतिकूल मानते हुए उनके विरुद्ध सख्त कारर्वाई का निर्णय लिया गया।

परिषद ने निर्मोही अखाड़े के अध्यक्ष महंत राजेंद्र दास महाराज को पत्र भेजकर ज्ञान दास को तत्काल प्रभाव से महामंडलेश्वर पद से हटाने का आग्रह किया है। परिषद के निर्णय के अनुसार, आगे से ज्ञान दास स्थानीय अखाड़ा परिषद के अंतर्गत आने वाले किसी भी धार्मिक आयोजन, मठ, आश्रम अथवा अखाड़े के कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकेंगे। परिषद ने स्पष्ट किया कि यह कारर्वाई ज्ञान दास के विरुद्ध दर्ज आपराधिक प्रकरण के आधार पर की गई है। मामले की जांच पुलिस द्वारा जारी है और आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

