महिला कांग्रेस विधायक पर टूटा दुखों का पहाड़, अचानक पति का निधन
Sunday, Aug 09, 2026-04:23 PM (IST)
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति से रविवार को दुखद खबर सामने आई। लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र की कांग्रेस विधायक विद्यावती सिदार के पति कुंजबिहारी सिदार का देर रात निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और रायपुर के एक निजी अस्पताल में उनका उपचार किया जा रहा था। इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। कुंजबिहारी सिदार के निधन की खबर सामने आते ही परिवार, समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई। क्षेत्र के लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया है। उनका अंतिम संस्कार आज उनके पैतृक गांव कुंजेमुरा में किया जाएगा।
रायपुर में चल रहा था उपचार
परिजनों के मुताबिक कुंजबिहारी सिदार की तबीयत बीते कुछ समय से खराब थी। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी बढ़ने के बाद उन्हें रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा था, लेकिन हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका और देर रात उनका निधन हो गया। निधन की सूचना मिलते ही परिजन और करीबी लोग अस्पताल पहुंचे। वहीं, क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने भी शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई।
राजनीतिक विरासत से जुड़ा था परिवार
कुंजबिहारी सिदार का परिवार लंबे समय से राजनीति और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है। उनके पिता प्रेम सिंह सिदार लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र का तीन बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। ऐसे में सिदार परिवार की क्षेत्रीय राजनीति में लंबे समय से मजबूत पहचान रही है। कुंजबिहारी सिदार के परिवार में उनके पुत्र अभिषेक सिदार और पुत्री प्रेरणा सिदार हैं। उनके निधन से परिवार ने एक महत्वपूर्ण सदस्य खो दिया है।
संघर्ष के बाद विधानसभा पहुंचीं विद्यावती सिदार
कुंजबिहारी सिदार की पत्नी विद्यावती सिदार भी छत्तीसगढ़ की सक्रिय महिला नेताओं में शामिल हैं। उन्होंने जमीनी स्तर से राजनीति की शुरुआत की और जनपद सदस्य के साथ-साथ जिला महिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष जैसी जिम्मेदारियां भी संभालीं।
वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में विद्यावती सिदार कांग्रेस से टिकट की प्रमुख दावेदारों में थीं, लेकिन पार्टी ने उस समय चक्रधर सिंह सिदार को प्रत्याशी बनाया। इसके बाद उन्होंने जिला पंचायत चुनाव में भी अपनी राजनीतिक सक्रियता जारी रखी। वर्ष 2020 में उन्होंने डीडीसी चुनाव लड़ा, हालांकि इस चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली।
इसके बावजूद उन्होंने क्षेत्र में जनसंपर्क और संगठनात्मक गतिविधियां जारी रखीं। लगातार सक्रियता और जमीनी पकड़ का नतीजा यह रहा कि बाद में कांग्रेस ने उन्हें लैलूंगा विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया।
भाजपा प्रत्याशी को हराकर बनीं विधायक
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने विद्यावती सिदार पर भरोसा जताया। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी सुनीति राठिया को 4,176 मतों के अंतर से हराकर विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की। इस जीत के साथ विद्यावती सिदार ने लैलूंगा की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई और विधानसभा पहुंचीं। उन्हें क्षेत्र में सक्रिय एवं संघर्षशील जनप्रतिनिधि के तौर पर देखा जाता है।
निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक
कुंजबिहारी सिदार के निधन की खबर से सिदार परिवार के साथ-साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के लोगों में भी शोक का माहौल है। राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उनके निधन पर संवेदना व्यक्त की है। परिजनों के लिए यह बेहद कठिन समय है। कुंजबिहारी सिदार का अंतिम संस्कार आज उनके पैतृक गांव कुंजेमुरा में किया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और परिचितों के पहुंचने की संभावना है।

