राहुल गांधी पर सांसद का तीखा हमला, बताया देशद्रोही और चाइना का एजेंट
Saturday, Feb 07, 2026-08:03 PM (IST)
गुना (मिस्बाह नूर) : राजगढ़ सांसद रोडमल नागर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें चीन का एजेंट और कांग्रेस का सरगना करार दिया है। शनिवार को गुना के एक निजी होटल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान सांसद नागर ने राहुल गांधी की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि वे एक अबोध बालक की तरह व्यवहार कर रहे हैं और स्वयं को देश का महाराजा समझते हैं।
नागर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी चीन के एजेंट बनकर बात कर रहे हैं और देश की सुरक्षा व सेना पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि वास्तविकता में इस तरह के कृत्य देशद्रोह की श्रेणी में आते हैं। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में कांग्रेस की मति मारी गई है और राहुल गांधी इस कांग्रेस के सरगना की भूमिका में हैं। केंद्रीय बजट 2026 पर विस्तृत चर्चा करते हुए सांसद रोडमल नागर ने इसे 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने वाला और आने वाले 25 सालों की मजबूत बुनियाद रखने वाला बजट बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट पूरी तरह से लोकहित और रिफॉर्म पर केंद्रित है, जिसका मुख्य उद्देश्य निर्यात की गति को बढ़ाना, जन आकांक्षाओं को पूरा करना और प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाना है। नागर ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इस बार रक्षा बजट में बीते वर्ष की तुलना में 15 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है, जो देश की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दशार्ता है। उन्होंने इस बजट को किसान, युवा, महिला, गरीब और एमएसएमई वर्ग के लिए अत्यंत लाभकारी बताया।

कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि बजट में आयुष को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है और इसी कड़ी में तीन नए एम्स का प्रावधान भी किया गया है। रोजगार के मुद्दे पर चर्चा करते हुए नागर ने मनरेगा के नए स्वरूप 'वीबी जीरामजी योजना' को पहले से कहीं अधिक प्रभावी बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से अब 185 दिनों का रोजगार मिलेगा, जो रोजगार सृजन की दिशा में एक बड़ा कदम है।
हालांकि, मनरेगा योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने के सवाल पर सांसद रोडमल नागर कुछ पल के लिए असहज नजर आए। सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने 1980 से लेकर अब तक के घटनाक्रमों का हवाला दिया और कहा कि कांग्रेस ने पूर्व में कई बार इस योजना का नाम बदला है। उन्होंने तर्क दिया कि भाजपा सरकार ने महात्मा गांधी के 'रामराज्य' के सपने को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए इस योजना का नाम भगवान राम के नाम पर किया है और साथ ही रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि की है।

