हाईकोर्ट से सोनम रघुवंशी को राहत मिलने पर टूटी राजा की मां, भावुक होते बोली- हमको कानून पर अब विश्वास नहीं रहा,जेल की जगह जमानत मिली
Monday, Jun 29, 2026-09:35 PM (IST)
इंदौर ( सचिन बहरानी): इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हनीमून हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को हाईकोर्ट से भी राहत मिलने के बाद पीड़ित परिवार का दर्द छलक पड़ा। बेटे की मौत के बाद इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठे माता-पिता ने जमानत के फैसले पर गहरा आक्रोश जताते हुए कहा कि अब उनका कानून और न्याय व्यवस्था से भरोसा उठने लगा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस महिला पर पति की हत्या की साजिश रचने का आरोप है, उसे जमानत मिलना पूरे परिवार के लिए दूसरा बड़ा सदमा है।
आरोपी सोनम रघुवंशी को निचली अदालत से मिली जमानत को हाईकोर्ट द्वारा बरकरार रखे जाने के बाद मृतक राजा रघुवंशी के परिजनों ने न्याय व्यवस्था पर गहरी नाराजगी जताई है। राजा की मां उमा रघुवंशी ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि कानून उनके बेटे को न्याय दिलाएगा, लेकिन अब उनका भरोसा डगमगाने लगा है। माँ ने कहा कि हमको कानून पर अब विश्वास नहीं है।
हमको लगा था कानून हमारा साथ देगा उनका कहना है कि जिस महिला पर अपने पति की हत्या की साजिश रचने का आरोप है, उसे जमानत मिलना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे गंभीर मामलों में भी आरोपियों को राहत मिलती रही तो इससे अपराधियों का मनोबल बढ़ेगा और पीड़ित परिवारों का न्याय व्यवस्था से विश्वास उठ जाएगा।
उमा रघुवंशी ने महाराष्ट्र के चर्चित सिया हत्याकांड का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें आशंका है कि उस मामले में भी कहीं ऐसा ही न हो जाए। उन्होंने कहा कि यदि उनके बेटे के मामले में अब तक न्याय नहीं मिला तो दूसरे पीड़ित परिवारों को भी न्याय मिलने की उम्मीद कम ही नजर आती है।
वहीं राजा के पिता अशोक रघुवंशी ने भी फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि सरकार और न्यायालय उनके बेटे को न्याय दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार को इस मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए और वे मुख्यमंत्री से मिलकर न्याय की मांग करेंगे। अशोक रघुवंशी ने कहा कि राजा की हत्या के मामले में दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई इस तरह का अपराध करने का साहस न कर सके। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से महाराष्ट्र की सरकार ने पूरे मामले को फास्ट्रेक कोर्ट में चलने का फैसला लिया है इस तरह मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री भी मेघालय के मुख्यमंत्री से बात कर मामले में परिवार का सहयोग कर सकते हैं।

