छत्तीसगढ़ में रिएजेंट किट की किल्लत, अस्पतालों में खून से जुड़ी जांच बंद, हाईकोर्ट में सुनवाई आज

7/10/2024 2:55:48 PM

रायपुर : छत्तीसगढ़ में एक तरफ बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दावा किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ रिएजेंट किट की किल्लत की वजह से अधिकांश सरकारी अस्पतालों में खून से जुड़े जांच बंद हो गए हैं। स्थिति यह है कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के बिगड़ते हालात को देखते हुए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया और विभाग से जवाब मांगा है। जवाब देने के लिए विभाग के हाथ पांव फूल रहे। कोर्ट में सुनवाई 10 जुलाई को होनी है। इससे पहले स्वास्थ्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।

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दरअसल 6 माह से अधिक समय से अस्पतालों में किट की आपूर्ति बंद है। विभाग के अनुसार रिजेंट किट की आपूर्ति के  338 करोड़ रुपए का भुगतान विभागीय स्तर पर रुका हुआ है। इसके चलते सप्लायर कंपनियों और एजेंसियों ने ऑर्डर देने पर आपूर्ति करने से मना कर दिया है। रायपुर के आंबेडकर अस्पताल में  18 जून को 12.57 लाख रुपए का रिजेंट सप्लाई के लिए आर्डर किया गया है। एजेंसी के पत्र लिखकर भुगतान ना होने की स्थिति में ऑर्डर न लेने की बात कही। यह स्थिति प्रदेश के लगभग सभी जिलों में है। कंपनियों और विभाग की लड़ाई में गरीब मरीजों का नुकसान हो रहा है। सरकारी अस्पतालों में रिजेंट किट न होने से इलाज प्रभावित हो रहा।

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विभागीय जानकारी के अनुसार रायपुर के देवपुरी, खोला समेत अन्य सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जांच बंद हैं। प्रदेश के सबसे बड़े आंबेडकर अस्पताल रायपुर में 80 प्रतिशत जांचें नहीं हो रही। बिलासपुर के 14, बलौदा बाजार के 3, गौरेला पेंड्रा मरवाही के 4, मुंगेली में 5,  बलरामपुर, दंतेवाड़ा, गरियाबंद 3, कवर्धा, कोरबा, महासमुंद, नारायणपुर में 4, राजनांदगांव में 2 से अधिक, सुकमा समेत अन्य जिलों के स्वास्थ्य केंद्र और सरकारी अस्पतालों में रिजेंट किट की कमी से जांच बंद हैं।


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meena

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