सोलर नल-जल योजना से बदली कुमा की तस्वीर: हर घर पहुंचा स्वच्छ पानी, घंटों की कतार से महिलाओं को मिली आजादी

Tuesday, Feb 17, 2026-07:53 PM (IST)

रायपुर (पुष्पेंद्र सिंह): रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड की कुमा ग्राम पंचायत आज ग्रामीण बदलाव की मिसाल बन गई है। जिला मुख्यालय से करीब 100 किलोमीटर दूर बसे इस गांव में कभी पानी की किल्लत सबसे बड़ी समस्या थी, लेकिन अब जल जीवन मिशन के तहत स्थापित सोलर नल-जल योजना ने यहां की तस्वीर बदल दी है।

कुछ वर्ष पहले तक महिलाएं सुबह से दोपहर तक हैंडपंपों पर कतार में खड़ी रहती थीं। गर्मी में जलस्तर गिरने से हालात और बिगड़ जाते थे। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और परिवार के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता था। गांव की दिनचर्या पानी की उपलब्धता पर निर्भर थी। सौर ऊर्जा आधारित नल-जल प्रदाय प्रणाली स्थापित होने के बाद गांव में बड़ा बदलाव आया। सोलर पैनलों से संचालित पंप के जरिए पानी को ऊंची टंकी तक पहुंचाया जाता है और पाइपलाइन से हर घर तक नियमित आपूर्ति की जाती है। बिजली कटौती का इस व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ता। पर्यावरण के अनुकूल यह प्रणाली कम रखरखाव में दीर्घकालिक समाधान दे रही है।

गांव की देवमती बताती हैं कि पहले रोज दो-तीन घंटे पानी लाने में लग जाते थे। अब घर में ही नल से स्वच्छ पानी मिल रहा है। वे बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दे पा रही हैं, स्वसहायता समूह की गतिविधियों में सक्रिय हैं और सामाजिक कार्यक्रमों में भी भागीदारी बढ़ी है। स्वच्छ जल मिलने से परिवार का स्वास्थ्य सुधरा है और जलजनित बीमारियों में कमी आई है। महिलाओं को समय की स्वतंत्रता मिली है, जिससे वे आयवर्धक कार्यों और सामाजिक निर्णयों में भागीदारी कर रही हैं। विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से बच्चों की उपस्थिति और स्वच्छता में सुधार देखा गया है।

ग्राम स्तर पर जल प्रबंधन समिति का गठन किया गया है, जो पूरी व्यवस्था की निगरानी कर रही है। सामुदायिक सहभागिता से यह योजना सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। आज कुमा गांव केवल जल उपलब्धता का उदाहरण नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान और ग्रामीण विकास की नई धारा का प्रतीक बन गया है।


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Content Editor

Vikas Tiwari

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