सुमित्रा महाजन ने की जीतू पटवारी की तारीफ, राहुल गांधी के इंदौर दौरे पर भी कह दी बड़ी बात
Friday, Jan 16, 2026-08:43 PM (IST)
इंदौर : लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने शुक्रवार को कहा कि प्रजातंत्र में विपक्ष को उसका काम पूरी ताकत से करना चाहिए। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के शनिवार को प्रस्तावित इंदौर दौरे को लेकर यह बात कही। इस दौरे में गांधी शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त के प्रकोप से जूझ रहे मरीजों और जान गंवाने वाले लोगों के शोकसंतप्त परिजनों से मुलाकात करेंगे। गांधी के इस दौरे के बारे में पूछे जाने पर महाजन ने कहा कि प्रजातंत्र में विपक्ष को उसका काम पूरी ताकत से करना चाहिए। उन्होंने कहा,‘‘उन्हें (गांधी) आने दीजिए। अगर वह कुछ अच्छे सुझाव देते हैं, तो संबंधित लोग इन सुझावों पर विचार करें।''
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता महाजन ने कहा कि कभी उनका दल भी विपक्ष में रहा है और उसने पूरी ताकत से जनता की लड़ाई लड़ते हुए लोगों का विश्वास जीता है। गांधी के इंदौर पहुंचने से एक दिन पहले, महाजन ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से अपने घर में मुलाकात की और दोनों नेताओं ने भागीरथपुरा इलाके में उल्टी-दस्त के प्रकोप को लेकर चर्चा की।
महाजन ने बताया,‘‘पटवारी ने मुझसे मुलाकात की, वह अच्छा काम करने वाला लड़का है। इस दौरान जीतू ने मुझसे कहा कि शहर में दूषित पेयजल की समस्या का सबको मिलकर समाधान करना चाहिए। मेरी भी यही राय है कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस समस्या को सुलझाने के बारे में सोचा जाना चाहिए और इसके लिए तकनीकी विशेषज्ञों से भी सुझाव लिए जाने चाहिए।''
लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष ने 'विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025' को लेकर कांग्रेस के विरोध को बेमानी करार दिया। उन्होंने कहा,‘‘इस कानून को संक्षिप्त रूप में जी राम जी कहा जा रहा है। जब हम ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना संचालित करेंगे, तो सब लोग (भगवान) राम को याद करेंगे। यह अच्छी बात है।''
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट की पुनर्विकास योजना के काम के दौरान इंदौर की पूर्व होलकर शासक देवी अहिल्याबाई की प्रतिमाओं को कथित रूप से क्षतिग्रस्त किए जाने पर महाजन ने सधी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा,‘‘मुझे हालांकि पता नहीं है कि इस घाट पर कौन-सी मूर्तियां टूटी हैं, लेकिन सरकार के लिए ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजने के साथ विकास करना भी उतना ही जरूरी हैं। वैसे इस मामले में वाराणसी के प्रशासन ने पहले ही स्थिति स्पष्ट कर दी है और उसका कहना है कि मणिकर्णिका घाट पर जनता के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।''

