Punjab Kesari MP ads

निगम मंडल नियुक्तियों को दिल्ली से मिली हरी झंडी! कभी भी जारी हो सकती है सूची, ये हैं संभावित नाम, देखें...

Thursday, Apr 16, 2026-07:04 PM (IST)

भोपाल : मध्यप्रदेश में निगम-मंडलों में नियुक्तियों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अटकलें है कि मोहन यादव सरकार जल्द ही 40 से अधिक निगम-मंडलों और विभिन्न आयोगों में लगभग डेढ़ साल से लंबित राजनीतिक नियुक्तियां की जल्द ही सूची जारी कर सकती है। सूत्रों की मानें तो दिल्ली से हरी झंडी मिल गई है और अप्रैल में ही सूची जारी हो सकती है। आने वाले दिनों में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल कभी भी सूची जारी कर सकते हैं। सूत्रों की मानें तो संगठन इन नियुक्तियों में पुराने नेताओं, अनुभवी कार्यकर्ताओं और मुख्यधारा से अलग हुए नेताओं को एडजस्ट किया गया है।

इस सूची में संभावित चेहरे

सूत्रों की मानें तो दिल्ली भेजी गई सूची में कई बड़े चेहरे शामिल हैं, जिनमें पूर्व मंत्रियों, कांग्रेस से आए नेताओं और विधायकों समेत कई नए नाम शामिल होने की संभावना है। जिसके बाद निश्चित ही मध्य प्रदेश की सियासत में नया रंग देखने को मिलेगा।

निगम मंडल के संभावित नाम इस तरह है-

  • अनुसूचित जाति आयोग -कैलाश जाटव
  • अनुसूचित जनजाति आयोग -भगत सिंह नेताम
  • युवा आयोग- प्रवीण शर्मा
  • लघु उद्योग निगम विनोद गोटिया
  • मध्य प्रदेश वेयर हाउसिंग- संजय नगाइच
  • कटनी विकास प्राधिकरण-शंशाक श्रीवास्तव
  • ओरछा विकास प्राधिकरण- अखिलेष अयाची
  • वित्त विकास निगम- दीपक सक्सेना

इन्हें भी मिल सकता है मौका

  • पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया
  • पूर्व मंत्री रामनिवास रावत
  • पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता
  • पूर्व मंत्री कमल पटेल
  • पूर्व मंत्री रामपाल सिंह
  • अचल सोनकर
  • पूर्व मंत्री इमरती देवी
  • पूर्व विधायक ध्रुव नारायण सिंह

विधायकों को भी मिल सकता है मौका

  • विधायक अभिलाष पांडे
  • आशीष शर्मा
  • विधायक अजय विश्नोई
  • विधायक शैलेंद्र जैन
  • विधायक प्रदीप लारिया 

बताया जा रहा है कि प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष खंडेलवाल और मुख्यमंत्री मोहन यादव हाल ही में दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर चुके हैं, जिसके बाद दिल्ली से हरी झंडी भी मिल चुकी है। जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलों को और बल मिला है। चर्चा यह भी है कि यदि मंत्रिमंडल विस्तार होता है तो इसमें कई वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं को अलग-अलग क्षेत्रों और जिम्मेदारियों में जगह दी जा सकती है। संगठन और सरकार दोनों स्तर पर संतुलन साधने की कोशिश की जा रही है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

meena

Related News