Punjab Kesari MP ads

खेत में आखिर क्या छिपाकर गए थे बदमाश? जमीन खोदते ही पुलिस के सामने आया 1.47 करोड़ का खजाना!

Monday, Aug 10, 2026-02:19 PM (IST)

गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले में हुई करीब डेढ़ करोड़ रुपये की चोरी का पुलिस ने महज छह दिन में खुलासा कर दिया। फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के चक चुरेला गांव में पंचायत सचिव के घर से तिजोरी समेत लाखों की नकदी, सोने-चांदी के जेवर और बाइक चोरी करने वाले पारदी गिरोह तक पुलिस पहुंच गई। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस को सबसे बड़ी सफलता उस समय मिली, जब आरोपियों की निशानदेही पर खेत में बिजली के खंभे के नीचे जमीन खोदी गई। यहां से करीब 985 ग्राम सोना बरामद हुआ, जिसकी बाजार कीमत लगभग 1 करोड़ 47 लाख 77 हजार रुपये बताई जा रही है।

तिजोरी ही उखाड़ ले गए थे बदमाश

घटना 2 और 3 जुलाई की दरमियानी रात की है। चक चुरेला गांव में 18 से 20 लोगों के एक गिरोह ने पंचायत सचिव पवन मीना के घर को निशाना बनाया। बदमाश घर में रखी तिजोरी को ही उखाड़कर अपने साथ ले गए। तिजोरी में करीब 2 किलो सोने के आभूषण, लगभग 3 किलो चांदी, 11.50 लाख रुपये नकद और अन्य सामान रखा हुआ था। बदमाश जाते समय एक मोटरसाइकिल भी अपने साथ ले गए। ग्रामीण इलाके में वारदात होने और आसपास पर्याप्त CCTV कैमरे नहीं होने के कारण शुरुआती तौर पर पुलिस के सामने आरोपियों तक पहुंचना बड़ी चुनौती थी।

7 थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चा

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने मौके का निरीक्षण किया और आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह सुमन और एसडीओपी विवेक अष्ठाना के निर्देशन में फतेहगढ़, कैंट, राघौगढ़, बमोरी समेत कई थानों की पुलिस और साइबर सेल को जांच में लगाया गया।करीब 72 पुलिसकर्मियों की संयुक्त टीम ने अलग-अलग इलाकों में दबिश दी। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड से मिले सुरागों के साथ-साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस का शक धरनावदा थाना क्षेत्र के कनेरा गांव से जुड़े पारदी गिरोह पर गहराने लगा।

बिजली के खंभे के नीचे छिपाया था करोड़ों का माल

लगातार दबिश और पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच आखिरकार 8 अगस्त को पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 35 वर्षीय राजू पारदी और 48 वर्षीय गजानंद पारदी के रूप में हुई। पूछताछ के दौरान आरोपियों से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस टीम एक खेत तक पहुंची। बताया गया कि चोरी का सोना जमीन के अंदर छिपाकर रखा गया था। जब पुलिस ने बिजली के खंभे के ठीक नीचे खुदाई शुरू की तो वहां से 985.150 ग्राम सोना बरामद हुआ।

बरामद सोने की कीमत करीब 1.47 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस अब चोरी गए बाकी जेवर, चांदी और नकदी की बरामदगी में जुटी है।

एक महीने पहले सिंधिया ने दिलाई थी अपराध से दूर रहने की शपथ

इस पूरे मामले में एक संयोग ने इसे और चर्चा में ला दिया है। पुलिस के मुताबिक, वारदात से करीब एक महीने पहले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया कनेरा गांव पहुंचे थे। एक सब-स्टेशन के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ग्रामीणों को अपराध, चोरी और डकैती से दूर रहने की शपथ दिलाई थी।

लेकिन शपथ के लगभग एक महीने बाद ही इसी गांव से जुड़े लोगों पर इतनी बड़ी चोरी को अंजाम देने का आरोप लगा। यही वजह है कि गुना की यह वारदात अब पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ इस संयोग को लेकर भी चर्चा में है।

18-20 सदस्यों वाले गिरोह पर पुलिस की नजर

पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात को अकेले दो लोगों ने अंजाम नहीं दिया, बल्कि इसके पीछे करीब 18 से 20 लोगों का गिरोह होने की आशंका है। पुलिस ने गिरोह के कई सदस्यों की पहचान कर ली है।

फिलहाल दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि चोरी के बचे हुए सोने-चांदी के आभूषण और नकदी की बरामदगी के लिए कार्रवाई लगातार जारी है। छह दिन की जांच में डेढ़ करोड़ की चोरी का खुलासा और खेत से 1.47 करोड़ का सोना बरामद होना गुना पुलिस की इस कार्रवाई की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Himansh sharma

Related News